किसी अपराध में दोषी ठहराए गए नेताओं को संसद से बाहर का रास्ता दिखाने के लिए एक मुहिम शुरू की गई है।
किक आउट क्रिमिनल्स मुहिम को अंतर्राष्ट्रीय संगठन आवाज डॉट ओआरजी ने शुरू किया है।
मुहिम में यह कहा गया है कि देश की संसद में पहुंचे 30 फीसदी सांसदों पर अपराधिक मामले दर्ज हैं।
इस मुहिम के जरिए आपराधी ठहराए गए नेताओं को संसद से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है।
अभी देश में 30 फीसदी सांसदों पर मर्डर और बलात्कार जैसे अपराधिक मामले दर्ज हैं।
कुछ दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट ने देश के अंदर अपराधियों को सांसद बनने से रोकने के लिए निर्णय सुनाया था।
इस निर्णय के खिलाफ देश की सभी पार्टियां एकजुट हैं और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को पलटने के लिए नया कानून बनाने की योजना बना रही हैं।
आवाज संगठन के मुताबिक अपराधी नेताओं को संसद से बाहर का रास्ता दिखाने के लिए कम से कम हमें एक लाख लोगों से ऑनलाइन पिटिशन साइन करवानी है।
गुरुवार को सुबह तक देश के 80,000 ज्यादा लोग इस ऑनलाइन कैंपनिंग से जुड़ चुके थे।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आवाज संगठन के 25 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं। यह संगठन विश्व स्तर पर फैली असमानता को दूर करने के लिए अभियान चलाता है। इस संगठन की शुरुआत वर्ष 2007 में हुई थी।
विश्व के विभिन्न देशों में अपराध से लेकर भ्रष्टाचार समेत अन्य मुद्दों पर यह संगठन लगातार आवाज उठाता रहा है।
आप भी आवाज की इस मुहिम से जुड़ सकते हैं। इसके लिए आप को www.avaaz.org/kickoutcriminals पर जाकर ऑनलाइन पिटीशन को साइन करना होगा।