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'मैं सड़क चलते आदमी के सवालों का जवाब नहीं दूंगा'

Sun, 14 Oct 2012 07:25 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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विकलांगों के कल्याण के लिए सरकार से मिले धन के दुरुपयोग के आरोपों से घिरे केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने आज कहा कि वह हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं और उनके इस्तीफे के बारे में कांग्रेस पार्टी अथवा सरकार फैसला करेगी।
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खुर्शीद ने यहां कहा कि इन आरोपों की किसी भी तरह की जांच हो लेकिन इस जांच में उनके और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद के खिलाफ आरोप लगाने वाले मीडिया समूह के अध्यक्ष भी शामिल किया जाए। अगर मीडिया समूह के अध्यक्ष इस्तीफा दें तो वह भी केन्द्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा देने का तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि उन्होंने और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद ने ट्रस्ट पर लगाए जा रहे आरोपों को गलत साबित करने वाले सबूत संबद्ध मीडिया संस्थानों को मुहैया कराए थे लेकिन उन्होंने इन सबूतों को अहमियत नहीं दी। हंगामेदार संवाददाता सम्मेलन में खुर्शीद संवादाताओं के सवालों से बौखला गए और एक बार उन्होंने एक संवाददात को अदालत में देख लेने की धमकी तक दे डाली।
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उन्होंने अपने ट्रस्ट की तरफ से एटा, संतरविदास नगर, बुलंदशहर, इलाहाबाद, अलीगढ़, बरेली, मैनपुरी, मेरठ, रामपुर, सिद्धार्थनगर, मुरादाबाद और शाहजहांपुर में लगाए गए विकलांग शिविरों का हवाला दिया। उन्होंने इस बात के सबूत भी पेश किए कि उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व सीडीओ जेबी सिंह उनके ट्रस्ट के कैंप में मौजूद थे। उन्होंने इस अधिकारी की कैंप में मौजूदगी की फोटो भी दिखाई।

इससे पहले केजरीवाल ने खुर्शीद से पांच सवाल पूछे थे लेकिन खुर्शीद ने कहा कि वह इन सवालों के जवाब नहीं देंगे लेकिन उनके खिलाफ आरोप सही साबित होते हैं तो वह मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे देंगे। खुर्शीद ने कहा कि एक दो दिन में वह उनके खिलाफ गलत आरोप लगाने वाले मीडिया समूह इंडिया टुडे ग्रुप के खिलाफ मामला दर्ज कराएंगे। गौरतलब है कि लुइश खुर्शीद पहले ही इस मीडिया समूह पर 100 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा दायर कर चुकी हैं।

कानून मंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में शुरू में ही सामाजिक कार्यकर्ता अरविन्द केजरीवाल का नाम लिये बगैर कहा कि वह किसी सडक चलते आदमी के सवालों का जवाब नहीं देने वाले। इन सवालों के पीछे गंभीरता नहीं है। लेकिन मीडिया के एक हिस्से ने भी ये आरोप लगाए हैं और इसलिए उनका पूरा जवाब देने वह यहां आए हैं।

उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि तमाम आरोपों से उभरा सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार से मिली रकम विकलांगों पर खर्च की गई या नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार से सिर्फ 71 लाख रुपए मिले थे। हमने 77 लाख रुपए खर्च किए। उन्होंने कहा कि आरोप यह लगाया जा रहा है कि हमने शिविर आयोजित नहीं करवाए। खुर्शीद ने
रामपुर, एटा, सिद्धार्थनगर, मुरादाबाद में शिविरों की तस्वीरें दिखाईं। एटा के शिविर का उद्घाटन खुद उन्होंने किया था। जिस अधिकारी के हवाले से आरोप लगाए जा रहे हैं, उस अधिकारी जेबी सिंह की शिविरों में मौजूदगी वाली तस्वीरें भी खुर्शीद ने दिखाईं।
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