कानून मंत्री सलमान खुर्शीद रविवार सुबह ब्रिटेन से दिल्ली पहुंचे तो एयरपोर्ट पर ही उनको विरोध का सामना करना पड़ा। अरविंद केजरीवाल समर्थकों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और काले झंडे दिखाए। इस बीच खुर्शीद चुपके से अपनी कार में बैठकर घर को निकल गए। लेकिन सरकारी आवास पर भी खुर्शीद को विरोध से दो चार होना पड़ा। खर्शीद रविवार शाम करीब तीन बजे अपने एनजीओ में वित्तीय अनियमितता के लगे आरोपों का जवाब देंगे। खुर्शीद ने स्टिंग ऑपरेशन कर विकलांगों के लिए जारी फंड में फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाले निजी चैनल के प्रमुख के इस्तीफे की मांग की है। केजरीवाल ने भी खुर्शीद के कानून मंत्री पद से इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक इस्तीफा नहीं दे देते और गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक अनिश्चितकालीन प्रदर्शन जारी रहेगा।
केजरीवाल पर साधा निशाना
केजरीवाल पर निशाना साधते हुए खुर्शीद ने कहा कि वह एक-एक कर कांग्रेस के नेताओं को बर्बाद करना चाहते हैं। खुर्शीद ने कहा कि देश में 'थर्ड ग्रेड' के कुछ लोग साजिश रच रहे हैं। खुर्शीद ने केजरीवाल पर ब्लैकमेल की राजनीति करने का तोहमत लगाते हुए कहा कि पार्टी वही करेगी, जो देशहित में होगा। वो ब्लैकमेलिंग पर झुकने वाले नहीं है। सलमान खुर्शीद ने ये तमाम सफाई लंदन में दी थी।
71.5 लाख रुपए का घोटाला?
मालूम हो कि एक निजी समाचार चैनल की ओर से किए गए स्टिंग ऑपरेशन में दिखाया गया कि केंद्रीय समाज कल्याण और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 71.5 लाख रुपए खुर्शीद के एनजीओ को दिया गया था। इन रुपयों से उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में विकलांगों को तिपहिया वाहन का वितरण करना था, जिसमें धांधली की गई। इसी को लेकर सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद की काफी आलोचना हो रही है।