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'भ्रष्ट और धोखेबाजों' की खास आदमी पार्टी

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एक ऐसे वक्त में जब भारत के सभी राजनीतिक दल ख़ुद को ईमानदार और सच्चा साबित करने में लगे हैं, एक ऐसी पार्टी भी है जो भ्रष्ट और धोखेबाज लोगों को ही अपना सदस्य बना रही है।
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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इस पार्टी का नाम है खास आदमी पार्टी (खाप) और इसकी स्थापना की है नरेश सिंह भदौरिया ने। लोकसभा चुनावों से पहले इस तरह की पार्टी बनाने का मक़सद मनोरंजन के साथ ही मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर कटाक्ष करना भी है।

भदौरिया इससे पहले पोल खोल पार्टी भी बना चुके हैं और अब तक राजनाथ सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी, विनय कटियार और नवजोत सिंह सिद्दू के ख़िलाफ़ चुनाव भी लड़ चुके हैं।
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राहुल को टक्कर देने की ख्वाहिश

पिछले चुनावों के दौरान मिले समर्थन से उत्साहित भदौरिया इस बार अमेठी से चुनाव लड़ने का इरादा रखते हैं। इस सीट से आम आदमी पार्टी ने कुमार विश्वास को अपना उम्मीदवार बनाया है। इस सीट से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सांसद हैं।

भदौरिया ने अमेठी में चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है। पीटीआई के मुताबिक़ इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ता जो बैनर लेकर चल रहे थे, उस पर लिखा था, "केवल भ्रष्ट, घोटालेबाज़, धोखेबाज़ लोग ही इस पार्टी की सदस्यता ले सकते हैं।"

'चुनाव परिणाम की परवाह नहीं'

भदौरिया ने पीटीआई को बताया कि उनका मक़सद भ्रष्टाचार की ओर लोगों का ध्यान खींचना है। उनके मुताबिक़, "मेरे लिए चुनाव परिणाम मायने नहीं रखते हैं क्योंकि मेरा मकसद जीतना नहीं है, लेकिन मैं लोगों का ध्यान मुद्दों पर खींचना चाहता हूं।"

ख़ाप का यह भी कहना है कि वो आम आदमी पार्टी को छोड़कर दूसरे राजनीतिक दलों के साथ चुनावी गठजोड़ करना चाहती है।

पीटीआई के मुताबिक़ ख़ाप का दावा है कि आम आदमी पार्टी को छोड़कर दूसरे राजनीतिक दलों से इस पार्टी के विचार और सिद्धांत काफ़ी मिलते हैं।
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सिर्फ अन्ना और कलाम से डर

ख़ाप ने आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल को प्रमुख प्रतिस्पर्धी बताते हुए कहा है कि उसे केवल पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और जानेमाने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे से ही डर है।

भदौरिया पेशे से वकील हैं। पीटीआई से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, "हमें गंभीरता से नहीं लिया जाता लेकिन पिछले चुनावों में हमें हज़ारों वोट मिले हैं।"
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