यूपी के अलीगढ़ जिले के अतरौली के गांव गनियावली में केसर लहलहा रही है। इसके फूलों को चुन-चुन कर सुखाया जा रहा है। खरीददार की तलाश जारी है जल्द ही इसे बेचा जाएगा।
आमतौर पर कश्मीर जैसे ठंडे इलाकों में पैदा होने वाली ये केसर पहली बार अलीगढ़ में उगाई गई है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस हाईब्रिड केसर के रेट 70 हजार रुपये प्रति किलो तक मिलने की उम्मीद है। जो इससे निकलने वाले अर्क पर निर्भर करेगा।
आलू और गेहूं की फसल बर्बाद होने के कारण सदमे से मौत का शिकार हुए किसानों के लिए केसर की खेती नई मंजिल साबित हो सकती है। ये काम करना तो कृषि विभाग को चाहिए था लेकिन इसकी पहल अधेड़ उम्र के जलालुद्दीन ने की।
कम पढ़े लिखे मेहनती किसान जलालुद्दीन ने सरकार और सिस्टम के साथ नेताओं को भी आइना दिखाया है कि अगर सही दिशा में काम किया जाए तो नई मंजिलें भी मिलती हैं। ये छोटी सी फसल इसलिए भी बहुत बड़ी है कि जब पूरे देश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों की बर्बादी का मातम है तो वहीं जलालुद्दीन ने उम्मीद की नई रोशनी चमकाई है।