महंगाई की आग में झुलस रहे आम आदमी तक केंद्रीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए अब भाजपा शासित राज्यों ने भी सरकार का साथ देना शुरू कर दिया है। गरीबों को केरोसिन सब्सिडी का नकद लाभ देने की केंद्र की योजना में 11 राज्यों ने अपनी रुचि दिखाई है। इनमें मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, गोवा और झारखंड भी शामिल हैं। इन राज्यों में अब पीडीएस के जरिए केरोसिन प्राप्त करने वालों के खाते में सीधे नकद सब्सिडी की राशि जमा कर दी जाएगी। नई योजना का आगाज इसी वित्त वर्ष में किया जाएगा।
सरकार ने लाभार्थियों के बैंक खाते में सीधे सब्सिडी की राशि जमा कराने का दिशा निर्देश जारी कर दिया है। जिन गरीबों को अब तक रियायती दर पर आसानी से केरोसिन उपलब्ध नहीं हो पाता था उन्हें बिना किसी समस्या के इसका नकद लाभ मिल सकेगा। हालांकि गरीबों को पहले पहल बाजार मूल्य पर केरोसिन खरीदना होगा। खास बात यह है कि पीडीएस के जरिए केरोसिन उठाने वाले व्यक्ति ने अगर इसकी खरीद नहीं भी की है तो शुरुआती तौर पर उसके खाते में सब्सिडी की रकम डाल दी जाएगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लाभार्थियों के खाते में पहली तिमाही में एकमुश्त तीन माह के लिए सब्सिडी की रकम जमा कराई जाएगी। जबकि दूसरी तिमाही से मासिक सब्सिडी की रकम को डाला जाएगा। मंत्रालय का मानना है कि नई योजना के जरिए सब्सिडी का लाभ जरूरतमंद तक पहुंच सकेगा। जबकि मिलावटखोरी और केरोसिन चोरी को भी कम करने में मदद मिलेगी। इस योजना को भविष्य में आधार परियोजना से भी जोड़ा जाएगा।
सूत्र बताते हैं कि नई योजना के जरिए यह मालूम करना भी आसान होगा कि राज्यों को आवंटित किए गए केरोसिन का लाभ जरूरतमंद तक पहुंच रहा है या नहीं। इसी आधार पर भविष्य में राज्यों के केरोसिन आवंटन में कटौती भी जाएगी। गौरतलब है कि गरीबों के खाते में सीधे केरोसिन सब्सिडी के हस्तांतरण की योजना को पहले पहल राजस्थान के अलवर में शुरू किया गया था। मंत्रालय की ओर से इस योजना को लागू करने के लिए प्रत्येक इच्छुक राज्य को सौ करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
इन 11 राज्यों में शुरू होगी योजना
हिमाचल प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, झारखंड, केरल, सिक्किम, पांडिचेरी, अंडमान निकोबार।