ऐसा मामला पहली बार देखने को मिल रहा है जब किसी की मौत पर उसे ऐसी श्रद्धांजलि दी गई कि वो चर्चा का विषय बन गया।
घटना केरल की है, जहां एक मंदिर ने अपने यहां होने वाली खास पूजा दो दिनों के लिए रोक दी। एक मुस्लिम छात्र की पिटाई के बाद हुई मौत के खिलाफ मंदिर प्रशासन ने ये फैसला लिया।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल हुआ था जिसमें एक छात्र की कुछ लोगों ने जमकर पिटाई की। जिसमें उसकी मौत हो गई।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक इस घटना के विरोध में और इस युवा को खास श्रद्धांजलि देने के लिए ही मंदिर प्रशासन ने ये फैसला लिया।
मंदिर प्रशासन ने दो दिन के लिए रोकी पूजा
छात्र की पहचान एमवी शबीर (23 वर्ष) के रूप में हुई है। वह तिरुवनंतपुर के अतिंगल के पास स्थित पुठेन्नदा के शिव मंदिर में होने वाले वार्षिक त्योहारों की आयोजन समिति का सदस्य था।
पुलिस के मुताबिक, पिछले साल एक त्योहार के दौरान एक हाथी को भगाने को लेकर उसका कुछ लोगों से विवाद हो गया था। इसी के चलते रविवार को चार लोगों ने शबीर की इसकदर पिटाई कर दी, जिसमें उसकी मौत हो गई।
इस घटना के खिलाफ ही शिव मंदिर प्रशासन ने फैसला लिया और मंदिर में दो दिनों तक पूजा पर रोक लगा दी। इस दौरान मंदिर में घंटियां भी नहीं बजाई गई।
इस मंदिर में दिनभर में पांच पूजा का आयोजन किया जाता है। जैसे ही मंदिर प्रशासन को शबीर के साथ हुए घटनाक्रम की जानकारी हुई उन्होंने दो दिनों के लिए पूजा पर रोक लगा दी।
'शबीर आयोजन समिति का बेहद सक्रिय सदस्य था'
उन्नी के मुताबिक, शबीर आयोजन समिति का बेहद सक्रिय सदस्य था। शब्बीर को श्रद्धांजलि के लिए मंदिर प्रशासन ने खास पूजा 'आन्नंदम' को रोक दिया है। साथ ही 9 फरवरी से शुरू होने वाले 10 दिनों तक चलने वाले खास पारंपरिक जुलूस पर भी रोक लगा दी गई है।
समिति की संयोजक सी. गौरी चंद्रा ने बताया कि शब्बीर मुस्लिम होते हुए भी मंदिर की गतिविधियों को पसंद करता था। वह पूरी ईमानदारी से इसमें शामिल होता था। हम पिछले दो साल से उसे मंदिर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में प्रमुखता से शामिल करते थे।
चंद्रा ने बताया कि पुजारी मंदिर खोलने पक्ष में थे लेकिन हमने मंदिर में पूजा पर रोक लगा दी थी। सोमवार और मंगलवार को मंदिर में पूजा नहीं की गई।