मलप्पुरम की एक मस्जिद वर्षों से सांप्रदायिक सौहार्द्र का अद्भुत नमूना पेश कर रही है। मस्जिद में हर वर्ष एक हिंदू शहीद की याद में विशेष नमाज अदा की जाती है। हिंदू शहीद कुन्हेलू को वालियंगड़ी जुम्मा मस्जिद में दफनाया गया था।
स्थानीय स्तर पर कुन्हेलू को एक वीर योद्घा के रूप में पहचाना जाता है। उन्होंने 290 साल पहले कोझिकोड़ के तत्कालीन शासक जमोरिन के खिलाफ 43 मुस्लिम योद्घाओं साथ मिलकर युद्घ लड़ा था।
ऐतिहासिक प्रमाणों और कवि मोयिनकुट्टी वायडार की मलप्पुरम किस्सा माला में भी कुन्हेलू की वीरता का जिक्र है।