कांग्रेस अक्सर विकास के गुजरात मॉ़डल की खिल्ली उड़ाती रहती है। लेकिन कांग्रेस शासित केरल के वरिष्ठ मंत्रियों के नेतृत्व में विधायकों का एक दल अगले सप्ताह गुजरात में शहरी विकास के क्षेत्र में हुई पहलकदमियों का अध्ययन करने अहमदाबाद जा रहा है।
केरल विधान सभा में स्थानीय प्रशासन, ग्रामीण विकास और आवास की सबजेक्ट कमेटी इस दौरे को आयोजित कर रही है। कांग्रेस, माकपा, मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस मणि, भाकपा और नेशनल सेक्यूलर कांफ्रेंस के विधायक इस कमेटी के सदस्य हैं।
केरल के वरिष्ठ नेताओं ने इस दौरे की पहल ऐसे वक्त की है जब कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस ने 32 पेज का एक दस्तावेज जारी कर गुजरात के विकास से जुड़े आंक़ड़े जारी किए थे।
इनमें अलग-अलग क्षेत्र में गुजरात के प्रदर्शन का हवाला दिया गया था।
दस्तावेज जारी करने के दौरान केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा था कि कई ऐसे मानक हैं, जिनमें गुजरात कांग्रेस शासित राज्यों से पिछड़ा हुआ है। उनका कहना था कि गुजरात पर सबसे ज्यादा कर्ज लदा हुआ है।
कुछ महीनों पहले केरल के श्रम मंत्री शिबू बेबी जॉन अहमदाबाद में एक कार्यक्रम के बाद नरेंद्र मोदी से मिले थे और इसके बाद राज्य में राजनीतिक भूचाल आ गया था।
इस मामले पर लेफ्ट पार्टियों ने मुख्यमंत्री उमन चांडी को घेर लिया था। मुख्यमंत्री ने यह कह कर सफाई दी थी जॉन को मोदी से मिलने की इजाजत उन्होंने नहीं दी थी। इस मामले में उन्होंने जॉन से सफाई मांगी थी।
आरएसपी-बी के नेता जॉन ने बाद में माफी मांग कर मामले को रफा-दफा किया था।
वर्ष, 2009 में माकपा के सांसद एपी अब्दुलकुट्टी को भी मोदी की विकास योजनाओं की तारीफ करने के लिए पार्टी से बर्खास्त होना पड़ा था। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर मोदी के विकास मॉडल को अपनाने की सलाह दी थी।