भारत में गोहत्या पर जारी विवादों के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (संघ) के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि केन्या में कुछ लोग जीवित रहने के लिए गाय का खून पीते हैं लेकिन उसे मार कर मांस नहीं खाते।
उन्होंने कहा कि भुखमरी जैसी परिस्थिति में जिंदा रहने के लिए केन्या के लोग बांस की बनी नली गाय के गले की नस में डालकर उसका खून पीकर जीवित रहते हैं, इस प्रक्रिया में गाय मरती नहीं है। वहां के लोग गायों को मार कर उसका मांस नहीं खाते हैं। अफ्रीकी देशों में गाय मारने पर पाबंदी है।
पशु चिकित्सक का प्रशिक्षण ले चुके भागवत ने कहा कि वहां के लोग गाय का रक्तपान करते समय इस बात का ध्यान रखते हैं कि गाय मर न जाए। उनकी यह टिप्पणी महाराष्ट्र सहित कुछ राज्यों में गोमांस पर पाबंदी लगाने और उत्तर प्रदेश के दादरी में गोमांस खाने की अफवाह के कारण एक व्यक्ति की हुई हत्या के बाद उठे विवादों के बीच आई है।