दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के भेजे गए मानहानि के नोटिस पर इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने तल्ख टिप्पणी की है। केजरीवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री चाहे जितने नोटिस भेज लें, वह आगे भी उनकी मानहानि करते रहेंगे। उन्होंने कहा, आपकी मानहानि आपके कार्यों से हो रही है और माफी मांगने का सवाल ही नहीं है।
दिल्ली में बिजली की दरों में बेतहाशा वृद्धि पर हुए आंदोलन के दौरान केजरीवाल ने शीला को बिजली कंपनियों का दलाल कह दिया था। इस बयान पर सीएम के राजनीतिक सचिव पवन खेड़ा ने मानहानि का नोटिस भेजा है, जिसमें अपमानजनक शब्दों को वापस लेने और बिना शर्त माफी मांगने को कहा गया है। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
इस नोटिस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केजरीवाल ने कहा कि मैं किसी नोटिस से नहीं डरता हूं। हर नोटिस का जवाब देने को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार दिया है। हमने 15 अक्तूबर को कहा था कि हम शांतिपूर्वक विरोध करेंगे। उस वक्त हमें सारी इजाजत मिल गई थी लेकिन 21 को हमारे पास स्टेज नहीं लगाने के लिए फोन आता है और सोमवार सुबह कहा गया कि हम माइक भी नहीं लगा सकते हैं। इसका क्या मतलब है।
इसके साथ बिजली आंदोलन शुरू कर दिल्ली सरकार से दो-दो हाथ करने वाले आईएसी के प्रमुख ने बिजली बिल में कटौती पर दिल्लीवासियों को बधाई भी दी है लेकिन इसे नाकाफी बताया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी का बोझ कम करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
बिजली के मुद्दे को लेकर शुरू हुए आंदोलन के दौरान केजरीवाल ने शीला से पांच सवाल पूछे थे। केजरीवाल और उनके समर्थकों ने दिल्ली में बीएसईएस के मुख्यालय पर कंपनी के कर्मचारियों के साथ धरना दिया। आईएसी की मुहिम को बीएसईएस कर्मचारी संघ भी समर्थन कर रहा है जबकि केजरीवाल कर्मचारियों की मांगों का समर्थन कर रहे हैं।
कोट
शीला दीक्षित की मानहानि हम तब तक करते रहेंगे, जब तक वह जनता को परेशान करती रहेंगी। वह चाहे जितने नोटिस भेज लें, हम डरने वाले नहीं हैं। -अरविंद केजरीवाल