फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार को बहुत महंगी पड़ी केजरीवाल की सादगी

विज्ञापन
विज्ञापन
आम लोगों के बीच अरविंद केजरीवाल का मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेना, दिल्ली सरकार को खासा महंगा पड़ा।
विज्ञापन


रामलीला मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह पर 13.49 लाख खर्च करने पड़े थे। दिल्ली सरकार के मुताबिक, रामलीला मैदान में कार्यक्रम से जुड़े इंतजाम पर 6.33 लाख खर्च किए गए थे। 6.7 लाख सरकार ने समारोह के प्रचार-प्रसार पर खर्च किए थे।

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में पिछले साल 28 दिसंबर को शपथ ली थी। उन्होंने विधानसभा चुनाव में वीआईपी कल्चर खत्म करने का मुद्दा जोरशोर से उठाया था।
विज्ञापन

शपथ लेने मेट्रो से गए थे केजरीवाल

चुनाव नतीजों के बाद उपराज्यपाल ने जब उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया तो वे शपथ ग्रहण समारोह में मेट्रो से गए। समारोह भी राजभवन में न होकर रामलीला मैदान में आयोजित किया गया।

केजरीवाल ने इस कवायद को वीआईपी कल्चर खत्म करने का हिस्सा बताया था। हालांकि विरोधियों ने इसे पब्लिसिटी स्टंट करार दिया था।

दिल्‍ली सरकार ने सूचना के अधिकार के तहत दी गई जानकारी में बताया कि शपथ ग्रहण समारोह पर 13.49 लाख रुपए खर्च किए गए, हालांकि इसमें वे पैसे नहीं शामिल हैं, जो आयोजन स्‍थल पर पानी, बिजली, सजावट और ट्रांसपोर्टेशन पर खर्च किए गए थे।
विज्ञापन

महज 49 ‌दिनों में ही दिया इस्तीफा

शपथ ग्रहण समारोह के आयोजन में दिल्ली सरकार के कई विभाग शामिल रहे।

जिनमें सामान्य प्रशासन विभाग, लोकनिर्माण विभाग, उत्तरी दिल्‍ली नगर निगम, ‌दिल्‍ली वाटर बोर्ड, फायर ब्रिगेड, विद्युत सेवाएं, दिल्ली पुलिस और सूचना प्रसारण विभाग शामिल था। रामलीला मैदान में बैरिकेडिंग पर 73,913 रूपए खर्च किए गए थे।

भव्य शपथ ग्रहण समारोह के बाद भी दिल्‍ली में आप की सरकार ज्यादा नहीं टिक पाई थी। विधानसभा में जनलोकपाल बिल पेश न होने के कारण अरविंद केजरीवाल ने महज 49 ‌दिनों में ही मु‌ख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें