राजधानी में बिजली-पानी के बिलों में बढ़ोतरी के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल रविवार को लगातार दूसरे दिन उपवास पर बैठे।
रामलीला मैदान व जंतर-मंतर की जगह इस बार उन्होंने आंदोलन यमुनापार की सुंदर नगरी की तंग गली से शुरू किया है।
अरविंद के मुताबिक, उपवास तभी टूटेगा, जब दिल्ली वासियों के मन में बैठा सत्ता का डर निकल जाएगा। केजरीवाल ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे बिजली-पानी का बिल न भरें।
शनिवार को शुरु किया अनशन
बिजली पानी के विरोध में केजरीवाल शनिवार को अनशन पर बैठे। शनिवार को काफिले के साथ वह सुंदर नगरी पहुंचे।
उनके साथ मनीष सिसौदिया, योगेंद्र यादव, कुमार विश्वास, शांति भूषण, प्रशांत भूषण, गोपाल राय, संजय सिंह भी थे। मुश्किल से 10 फिट चौड़ी गली में रंजीत सिंह के मकान के सामने केजरीवाल ने अनशन शुरू किया।
इस दौरान केजरीवाल ने लोगों से बिल न भरने की अपील की। साथ ही, यह भरोसा भी दिलाया कि नवंबर में पार्टी के सत्ता में आते ही इस नाफरमानी के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वह अपने-अपने वार्ड में लोगों को बिजली-पानी के बिल न भरने के लिए प्रेरित करें।
राजधानी के सभी वार्ड में आंदोलन
वहीं, मनीष सिसौदिया ने कहा कि राजधानी के सभी वार्ड में असहयोग आंदोलन शुरू हो गया है। इससे बौखलाई सरकार गुंडागर्दी पर उतर आई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शाहदरा में देर रात और बवाना में सुबह पार्टी कार्यकर्ताओं से कांग्रेस के सदस्यों ने मारपीट की है। शाहदरा मामले में दोपहर बाद तक पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी।
उन्होंने कहा कि पिटने को हम भी तैयार हैं, लेकिन शर्त यही है कि दिल्ली सरकार बिजली-पानी के बढ़े बिल वापस ले।