अरविंद केजरीवाल दूसरे नेताओं को भ्रष्टाचारी बताते हैं और उनके विरोधी उन्हें अराजक कहते हैं। केवल यही नहीं, राजनीति के मैदान में हैं, इसलिए उन्हें कई तरह-तरह के नाम से पुकारा गया।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पटखनी देकर वो उसके दुश्मन बने और बाद में मुकाबले में दिख रही भाजपा के सामने आ खड़े हुए। जाहिर है, दोनों दलों से फिलहाल उनका छत्तीस का आंकड़ा है। इन्हें में से एक दल ने उन्हें नया नाम दे दिया है, जिस पर कई लोगों को एतराज हो सकता है।
भाजपा ने बताया एजेंट
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष डॉ हर्षवर्धन ने सोमवार को सवाल उठाया कि क्या अरविंद केजरीवाल के विदेशी एजेंसियों से कोई ताल्लुक हैं, जो देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही हैं।
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, "क्या वह सीआईए एजेंट हैं या सीआईए समेत दूसरी विदेशी एजेंसियों के लिए काम कर रहे हैं? राजनीतिक दल बनाने से पहले अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को एनजीओ के नाम पर फोर्ड फाउंडेशन की तरफ से लाखों डॉलर मिल रहे थे।"
मनीष सिसोदिया को भी लपेटा
दिल्ली भाजपा के बॉस ने कहा, " पूरी दुनिया जानती है कि वह अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के इशारे पर काम करते हैं। फोर्ड फाउंडेशन विकासशील मुल्कों में अस्थिरता फैलाने के लिए काम कर रहे हैं और उन मुल्कों में एनजीओ की मदद से अराजकता फैला रहे हैं।"
डॉ. हर्षवर्धन ने यह हमला किसलिए बोला, इसकी वजह है। एक दिन पहले आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं ने साम्प्रदायिकता के नाम पर भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर अटैक किया था।
इस्तीफा देना विश्वासघात
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने सरकार बनाने के 49 दिनों के भीतर इस्तीफा देकर दिल्ली के लोगों के साथ विश्वासघात किया है। और ऐसा उन्होंने कांग्रेस की मदद से किया।
भाजपा नेता ने इस मौके पर कांग्रेस को सबसे भ्रष्ट पार्टी भी करार दिया। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते वक्त उन्होंने दिल्लीवासियों के बीच जनमत संग्रह क्यों नहीं किया?"