दिल्ली सरकार के मंत्रियों से जुड़े विवादों का सीधा असर आम आदमी पार्टी के लोकसभा चुनाव अभियान पर पड़ा है।
वैसे तो कहा जाता है, ‘बदनाम हुए तो क्या नाम नहीं हुआ’, मगर आप के मामले में ऐसा नहीं हो पाया। विवाद शुरू होने के बाद से पार्टी को रोजाना मिलने वाले चंदे की राशि में भारी गिरावट आई है।
पहले पार्टी को रोजाना औसतन दस लाख से ऊपर मिल रही रकम फिलहाल तीन लाख रुपए के करीब सिमट गई है।
सोमनाथ-राखी विवाद का असर
दरअसल, कानून मंत्री सोमनाथ भारती व समाज कल्याण मंत्री राखी बिडलान से जुड़ा विवाद 16 जनवरी को सुर्खियों में आया, जबकि 20 जनवरी को मुख्यमंत्री धरने पर बैठे।
इस दौरान पार्टी के ऑनलाइन डोनेशन की लिस्ट पर गौर करें तो 16 जनवरी को पार्टी के खाते में 4.45 लाख रुपए आए। अगले दिन यह आंकड़ा 1.5 लाख रुपए तक गिर गया।
इसके बाद हालत में थोड़ा सुधार हुआ। फिर भी रोजाना मिलने वाले चंदे की राशि औसतन तीन लाख ही कायम रही।
चंदा जुटाने के लिए कड़ी मशक्कत
इसके उलट जनवरी के पहले तीन दिनों में पार्टी को रोजाना करीब 40 लाख रुपए का चंदा मिला था।
सबसे ज्यादा राशि दो जनवरी को आई थी। उस दिन करीब पांच हजार लोगों ने पार्टी के खाते में पचास लाख रुपए डाले थे।
फिर 15 जनवरी तक पार्टी के खाते में रोजाना दस लाख रुपए का चंदा मिला। पंद्रह जनवरी तक चंदा देने वाले लोगों की संख्या पांच सौ से ऊपर थी, जबकि इसके बाद आंकड़ा तीन सौ के नीचे तक आ गया है।
पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता ने बताया कि इस बीच चंदा जुटाने के लिए उन्होंने कोई स्पेशल ड्राइव नहीं चलाया है।
'आप' को रोजाना चाहिए एक करोड़
पार्टी करीब 400 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा कर रही है। चुनाव आयोग ने चुनाव खर्च की सीमा 16-40 लाख रुपए के बीच रखी है।
अगर प्रति सीट औसतन खर्च 25 लाख रुपए माना जाए तो पार्टी को करीब सौ करोड़ रुपए चाहिए होंगे। चुनाव में बमुश्किल 120 दिन बचे हैं और पार्टी को बृहस्पतिवार शाम तक सिर्फ 6.25 करोड़ रुपए मिले हैं।
इस लिहाज से पार्टी को रोजाना एक करोड़ रुपए से ज्यादा चाहिए।
चंदे का ट्रेंड
3-15 जनवरी--औसतन 10 लाख रुपए रोजाना।
16 जनवरी--4.45 लाख रुपए।
17 जनवरी--1.50 लाख रुपए।
18-22 जनवरी--हर दिन औसतन तीन लाख रुपए।