अरविंद केजरीवाल पहले व्यक्ति नहीं हैं, जो भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी पर गलत आरोप लगाने पर अदालती कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। इससे पहले कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी इसी तरह के आरोप लगाने पर गडकरी से माफी मांग चुके हैं।
जबकि नागपुर से गडकरी के खिलाफ करारी हार का सामना कर चुकी अंजलि दमानिया के खिलाफ मामला अभी लंबित है। केजरीवाल ने चुनाव के दौरान एक सूची जारी की थी, उसमें कांग्रेस व भाजपा के कई नेताओं के नाम थे। बिना सबूत दिए केजरीवाल ने दावा किया था कि वे भ्रष्ट नेता हैं।
केजरीवाल को जाना पड़ा जेल
इस पर बाकी नेता तो केजरीवाल की निंदा करने के बाद खामोश हो गए लेकिन गडकरी अदालत चले गए। यह मामला अभी अदालत में लंबित है, लेकिन केजरीवाल को जेल जाना पड़ा है।
इससे पहले दिसंबर 2010 में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र की विवादित आदर्श सोसायटी में गडकरी का भी फ्लैट है। इस मामले में तब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण की कुर्सी चली गई थी।
झूठे आरोपों के चलते गडकरी को नुकसान
गडकरी ने तिवारी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर पहले तो तिवारी को जमानत लेनी पड़ी थी और मामला बिगड़ता देख उन्होंने हाल में गडकरी से माफी मांग कर जान छुड़ा ली।
इसी तरह अंजलि दमानिया ने महाराष्ट्र में सिंचाई घोटाले में गडकरी पर आरोप लगाए थे। बहरहाल, इस फैसले से नितिन गडकरी बेहद खुश हैं।
केजरीवाल और उनके समर्थकों के इसी तरह के आरोपों के चलते गडकरी को दोबारा भाजपा की कमान मिलते-मिलते रह गई थी। इसलिए गडकरी आम आदमी पार्टी (आप) को ‘राइटिस्ट विंग माओवादी’ पार्टी बताते रहे हैं।