अरविंद केजरीवाल और उनके माता पिता को वाराणसी के संकट मोचन मंदिर से जबरन बाहर निकाल दिया गया है। इसके बाद केजरीवाल ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के पास दुर्गा कुंड में नया और अस्थाई आशियाना बना लिया है।
बनारस के संकटमोचन मंदिर में केजरीवाल कुछ दिनों से अपने माता पिता के साथ रह रहे थे लेकिन उनके प्रवास पर काफी विरोध हो रहा था।
पुजारी के मेहमान
बताया जा रहा है कि केजरीवाल वाराणसी में चुनाव प्रचार के चलते 15 अप्रैल से मिश्रा के कमरों में मेहमान बनकर रह रहे थे। केजरीवाल के चलते मंदिर में सुरक्षाकर्मियों की काफी तादाद थी।
यही नहीं केजरीवाल से मिलने आने वाले कार्यकर्ताओं की भी यहां काफी भीड़ रहती थी। माना जा रहा है कि केजरीवाल के यहां से जाने पर उनके चुनाव प्रचार पर असर पड़ेगा।
नरेंद्र मोदी का हाथ !
उधर आपा का दावा है कि उनको मंदिर से बाहर निकलवाने में नरेंद्र मोदी के समर्थकों का हाथ है। सूत्रों के अनुसार ने कहा कि भाजपा नहीं चाहती कि संकटमोचन मंदिर के जरिए केजरीवाल चुनाव प्रचार करें। भाजपा बनारस की जनता को उनसे मिलने से रोकना चाह रही है।
दूसरी तरफ केजरीवाल के मंदिर प्रवास का विरोध कर रहे श्रद्धालुओं ने कहा कि केजरीवाल के रहने से मंदिर मंदिर नहीं राजनीति का मैदान प्रतीत हो रहा है। मंदिर में अराजक माहौल व्याप्त हो गया था और यहां कड़ी चैकिंग के बाद ही भगवान के दर्शन हो रहे थे।
अब क़हां रहेंगे केजरी
आपा के सूत्रों के मुताबिक स्थानीय विरोध के चलते केजरीवाल को मंदिर परिसर छोड़ना पड़ा है। केजरीवाल का परिवार अब बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के नजदीक दुर्गा कुंड में रहेगा।
माना जा रहा है कि केजरीवाल ने दूसरे स्थान के लिए खुद बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के नजदीक स्थान तय किया। यहां से केजरीवाल बनारस और खासकर बनारस के युवा को अपनी ओर खींच सकते हैं।