राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने प्रख्यात हिन्दी कवि केदारनाथ सिंह को 49वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया। पुरस्कार समारोह का आयोजन संसद भवन के बालयोगी ऑडिटोरियम में किया गया था।
इस मौके पर मुखर्जी ने कहा कि मुझे यकीन है कि आने वाले वर्षों में केदारनाथ सिंह हिंदी साहित्य को और भी समृद्ध करेंगे। सिंह की कविताएं यथार्थ और कल्पना की खोज का एक कोलॉज है।
उनकी कविताओं में पारंपरिक दृष्टिकोण के साथ आधुनिक सौंदर्यशास्त्र का भी बोध होता है। हमें उम्मीद है कि आने वालों दिनों में कविताओं के माध्यम से केदारनाथ सिंह युवाओं को प्रेरित करते रहेंगे।
गौरतलब है कि केदारनाथ सिंह को साहित्य अकादमी से भी सम्मानित किया जा चुका है। केदारनाथ सिंह ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त करने वाले हिंदी के छठें लेखक है।
इससे पहले प्रख्यात कवि सुमित्रानंदन पंत, रामधारी सिंह दिनकर, निर्मल वर्मा, श्रीलाल शुक्ल और अमराकांत को ये सम्मान दिया जा चुका है। श्रीलाल शुक्ल और अमरकांत को ये पुरस्कार संयुक्त रूप से दिया गया था।
अभी बिल्कुल अभी, जमीन पक रही है, यहाँ से देखो, बाघ, अकाल में सारस, तालस्ताय और साइकिल केदारनाथ सिंह के महत्वपूर्ण कविता संग्रह है। उन्होंने आलोचनाओं की भी कई किताबें लिखी हैं।
केदारनाथ का कविता संग्रह सृष्टि पर पहरा हाल ही में प्रकाशित हुआ है।