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मोदी की तरफ से काशी को मिल सकता है बड़ा तोहफा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही काशी को देश की सांस्कृतिक राजधानी का तोहफा देने की तैयारी में हैं। अपनी इस इच्छा को अंजाम देने के लिए पीएम अगले हफ्ते कुछ मंत्रियों और काशी-क्योटो सिस्टर सिटी समझौता योजना से जुड़े जापानी प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सकते हैं।
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माना जा रहा है कि पीएम मोदी विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के लिए शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू, जल संसाधन मंत्री उमा भारती, पर्यटन मंत्री डॉ महेश शर्मा के साथ-साथ इन मंत्रियों से संबंधित मंत्रालयों के सचिवों की भी बैठक बुलाएंगे।

पीएम की योजना काशी के मंदिरों को विश्व के पर्यटन पटल पर लाने, गंगा घाट को पूर्ण स्वच्छ करने और प्राचीन विरासत को बरकरार रखते हुए शहर का आधारभूत ढांचा सुधारने का है। काशी-क्योटो परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों ने पहले ही इस प्राचीन शहर का अध्ययन किया है।
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बैठक में प्रतिनिधि आमूलचूल बदलाव के लिए प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी राय रखेंगे। प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों की राय के आधार पर ही मोदी इस बैठक में मंत्रियों के साथ भावी कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा करेंगे।

प्रधानमंत्री चाहते हैं कि काशी को सांस्कृतिक राजधानी बनाने की घोषणा के साथ ही इस प्राचीन शहर की सफाई, स्वच्छता, पर्यटन, सड़क संबंधी परेशानियों को दूर करने का सिलसिला शुरू कर दिया जाए।
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अगले हफ्ते पीएम बुलाएंगे बैठक

सरकारी सूत्रों के मुताबिक पीएम ने काशी को सांस्कृतिक राजधानी का तोहफा देने का फैसला कर लिया है। फैसला लेने से पहले वह शहर की पहचान प्राचीन मंदिरों को विश्व पर्यटन पटल पर लाने के साथ इस प्राचीन शहर को आवागमन और रहने की दृष्टि से विश्वस्तरीय बनाना चाहते हैं।

जापान दौरे में काशी-क्योटो सिस्टर सिटी समझौता को अंजाम देने के बाद इस परियोजना से जुड़े जापानी प्रतिनिधियों ने इस प्राचीन शहर की विरासत को बरकरार रखते हुए जल निकासी, सीवर सिस्टम, घाट की निरंतर सफाई और कुछ जरूरी परिवर्तन के संबंध में रिपोर्ट तैयार की है। प्रधानमंत्री प्रतिनिधियों की रिपोर्ट और सुझावों पर अमल के लिए तीनों मंत्रालय के साथ तत्काल चर्चा चाहते हैं।

माना जा रहा है कि पीएम अगले हफ्ते इन सुझावों पर अमल के लिए जरूरी तीनों ही मंत्रालयों के मुखिया की बैठक बुलाएंगे। उल्लेखनीय है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत काशी के घाटों की सफाई के बावजूद इसकी कोई स्थाई व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसके अलावा यातायात में जाम, सीवर जैसी समस्या भी फिलहाल जस की तस है।
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