'किस ऑफ लव' पर चल रही बहस में अब कर्नाटक महिला आयोग भी कूद पड़ा है। आयोग ने जगह-जगह, गलियों और चौराहों में होने वाले 'किस ऑफ लव' कार्यक्रमों को असभ्यता करार दिया है।
इसी महीने के अंत में मैसूर में 'किस ऑफ लव' का आयोजन प्रस्तावित था, महिला आयोग ने जिसका विरोध किया है। आयोग उसे रोकने की पूरी कोशिश में भी जुट गया है।
'द हिंदू' की रिपोर्ट के अनुसार, महिला आयोग की अध्यक्षा मंजुला मानसा ने राज्य के गृहमंत्रालय को पत्र लिखकर 'किस ऑफ लव' जैसे आयोजन के लिए अनुमति न देने की मांग की है।
उन्होंने पुलिस कमिश्नर को भी पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा कि इस तरह का कार्यक्रम महिलाओं पर अत्याचार है। उन्होंने कहा ऐसे आयोजनों में महिलाओं को बहुत ही भद्दे तरीके से दिखाया जाता है जो ठीक नहीं है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को राज्य की संस्कृति के खिलाफ भी बताया है।