तीन से छह साल के बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए कर्नाटक सरकार अब उन्हें मुफ्त में दूध पिलाएगी। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना को लागू करने के लिए तैयार है।
टीओआई में छपी खबर के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने कहा कि कुपोषण को जड़ से खत्म करने और बेहतर स्वास्थ्य के लिए बच्चों को आंगनबाडी़ केंद्रों पर मुफ्त में दूध उपलब्ध कराएगी।
पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये की जरूरत है। संभवत: 12 जुलाई को पेश होने वाले बजट में इसकी घोषणा हो सकती है।
महिला एवं वाल विकास मंत्रालय इस योजना को लागू करेगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों और एकीकृत बाल विकास योजना के तहत पंजीकृत बच्चों को 200 एमएल गर्म दूध उपलब्ध कराएगी। हर दो दिन पर यह दूध बच्चों को दिया जाएगा।
इसके लिए कर्नाटक दूध संघ बच्चों के लिए दूध की आपूर्ति करेगा। हालांकि यह योजना पिछले माह ही शुरु होनी थी लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से इसे शुरु नहीं किया जा सका।
महिला एवं वाल विकास मंत्री उमाश्री ने बताया कि उन समस्याओं का समाधान कर लिया गया है। सरकार अब इस योजना के शुभारंभ के लिए तैयार है।