कर्नाटक के राज्यपाल एचआर भारद्वाज ने संकेत दिया है कि वे राज्य के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कह सकते हैं। राज्यपाल ने यह संकेत सत्तारूढ़ भाजपा के 13 विधायकों के विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा के मद्देनजर दिया है।
भारद्वाज ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने पहले ही बजट सत्र के लिए 4 फरवरी को विधानसभा की बैठक बुलाई है। राज्यपाल ने कहा कि अगर इस दौरान उन्हें लगा कि सरकार अल्पमत में है तो वे मुख्यमंत्री शेट्टार को सबसे पहले बहुमत साबित करने के लिए कहेंगे।
इससे पहले बुधवार को भाजपा के 13 विधायक विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के लिए स्पीकर केजी बोप्पया से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उनके शहर में नहीं होने की वजह से विधायक अपना त्यागपत्र उन्हें नहीं सौंप सके। इससे नाराज विधायकों ने अपने त्यागपत्र की प्रति राज्यपाल को सौंप दी। ये सभी विधायक कर्नाटक जनता पार्टी प्रमुख बीएस येदियुरप्पा के करीबी हैं।
इस संबंध में पूछे जाने पर राज्यपाल ने कहा कि विधायकों के साथ ही येदियुरप्पा ने भी उन्हें पत्र भेजा है। राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर विचार के लिए आज या कल उनसे मिल सकते हैं। इसके बाद अगर जरूरी हुआ तो वे सीएम को सदन में बहुमत साबित करने के लिए कहेंगे। राज्यपाल ने कहा कि वे इस मामले में एसआर बोम्मई केस में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए निर्देश के अनुसार ही फैसला लेंगे।
शेट्टार बोले, मेरे पास है बहुमत
भाजपा के 13 विधायकों की बगावत से उत्पन्न हालात के बाद मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार ने दावा किया है कि अब भी उनके पास बहुमत है। शुक्रवार को उन्होंने बताया कि वे आज राज्यपाल से मिले और उनसे कहा कि उनकी सरकार को किसी तरह का खतरा नहीं है, क्योंकि बहुमत उनके साथ है। शेट्टार ने कहा कि राज्यपाल ने उन्हें बहुमत साबित करने के लिए नहीं कहा है।
कांग्रेस के एजेंट हैं राज्यपाल: भाजपा
कर्नाटक सरकार के लिए लगातार मुश्किलें खड़ी करने वाले राज्यपाल हंसराज भारद्वाज को भाजपा ने कांग्रेस का एजेंट करार दिया है। पहले से संकट में चल रही जगदीश शेट्टार सरकार को बहुमत साबित करने की बात कहकर राज्यपाल फिर से भाजपा के निशाने पर आ गए हैं।
पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि राज्यपाल ने असंवैधानिक कार्य को बढ़ावा दिया है। विधायकों के इस्तीफों पर फैसला करना विधानसभा अध्यक्ष का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल भारद्वाज वास्तव में कांग्रेस के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं।