हरियाणवी कुंवारे शादी का ख्वाब पूरा करने की तमन्ना में हरिद्वार से कांवड़ ला रहे हैं। कन्या भ्रूण हत्या के अभिशाप से हरियाणा में बेटा और बेटी के अनुपात में भारी गिरावट आई है। ऐसे में बढती उम्र के बावजूद दुल्हन नहीं मिलने से मायूस अविवाहित अब भगवान शिव की शरण में है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों में बहू की दरकार वाले शिव भक्तों की तादाद कम नहीं है।
हरिद्वार से उमड़े कांवडियों के सैलाब में हरियाणा का बोलबाला है। शिवचौक से शामली तक हर कदम पर शिव की भक्ति गूंज रही है। अमर उजाला ने पवित्र गंगा जल के साथ शिवालयों को लौटते कांवड़ियों के मन की टोह ली तो बहू की चाहत के लिए बड़ी संख्या में अविवाहित शिव की कृपा के अभिलाषी पाए गए।
हरियाणवी कुंवारे ऐसे कांवड़ियों की उम्र 45 साल तक है। कैथल के मुकेश कुमार कहते हैं कि ढलती उम्र में भोले का ही सहारा है। उम्मीद है कि पदयात्रा के बाद गंगाजल के अभिषेक से शिव की दृष्टि मेहरबान होगी।
ढलती उम्र में भोले बाबा का सहारा
नारनौल के वाशिंदे मनोज, हितेश, सोमपाल, रामबीर बताते हैं कि वक्त से शादी नहीं हुई। परिजन लाख जतन कर चुके हैं, लेकिन अभी तक शादी का मुहूर्त नहीं निकला है। शादी की चाहत में कांवड़ का संकल्प लिया है। सोनीपत के सुरेंद्र पंवार, राहुल दुहन के मुताबिक लड़कियों की कमी से शादी में दिक्कते हैं।
नौकरी पेशा या सफल बिजनेसमैन का विवाह आसानी से हो जाता है। देहात और कस्बों में सामान्य किसान परिवारों में दुल्हन को तरसना पड़ता है। रोहतक के सफीदो से कांवड़ लेने आए संजय शर्मा कहते हैं कि तीस की उम्र पार कर चुके हजारों कावंडिये हैं, जो दुल्हन पाने का सपना लिए शिव की भक्ति में डूबे हैं।
हरियाणा के देहात में बिहार, असम, उडीसा, झारखंड, छतीसगढ जैसे प्रांतों से आई लड़कियों की शादी बड़ी संख्या में होती है। हाल ही में भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओपी धनकड़ के बयान पर बवाल हो गया था। धनकड ने कहा था कि भाजपा सता में आई तो हरियाणा के कुंवारे लड़कों को बिहारी दुल्हन दिलाएंगे। राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव ने धनकड़ के बयान को शर्मनाक करार दिया था।