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कांठ: दस भाजपाइयों पर रासुका लगना तय

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कांठ के अकबरपुर चैदरी गांव में मंदिर से लाउडस्पीकर उतारे जाने के बाद और फिर महापंचायत का ऐलान होने के बाद कांठ में हुए बवाल में शामिल भाजपाइयों पर रासुका लगाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई।
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पुलिस अफसरों ने आठ से दस लोगों के नाम सूची में शामिल करने का मन बनाया है। इसमें चार लोग पहले दिन हुए बवाल में शामिल थे। बाकी चार जुलाई को हुए बवाल में शामिल बताए जा रहे हैं।

मालूम हो कि दोनों बवालों में गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जीडी में जो भाषा दर्ज की थी, वह रासुका लगाने की बुनियाद रखती हुई प्रतीत हो रही थी। अब पुलिस ने रासुका की कार्रवाई शुरू कर दी।
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सबूत इकट्ठा कर फाइल की जा रही है तैयार

पहले दिन 27 जून को हुए बवाल में शामिल नेताओं उत्तमपाल, हितेश, नवीन चौधरी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगना तय माना जा रहा है। इसके अलावा चार तारीख को हुए बवाल में गिरफ्तार हुए मुख्य नेता भी शामिल किए जा रहे हैं।

बुधवार को थाने में अफसर इसी सूची पर मंथन करते रहे। कुछ नाम जोड़े गए और फिर हटाए गए। एसएसपी धर्मवीर ने बताया कि सूची अभी फाइनल नहीं हुई है।

वीडियो फुटेज और अन्य सबूत एकत्र करके मजबूत फाइल तैयार की जा रही है। बृहस्पतिवार तक सूची फाइनल कर दी जाएगी। डीआईजी और कमिश्नर के आदेश के बाद रासुका लगा दी जाएगी।

भाजपा नेताओं को नहीं मिली जमानत

कांठ बवाल में पिछले बारह दिन से जिला जेल में बंद साठ भाजपा कार्यकर्ताओं को अदालत से भी राहत नहीं मिली। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय ने सुनवाई के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की जमानत याचिका खारिज कर दी।

इससे पहले भाजपा नेताओं की वकालत के अधिवक्ताओं की फौज अदालत में डटी रही। न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद दोपहर में फैसला सुरक्षित रख लिया।

शाम तक भाजपाई और अधिवक्ता कयास लगाते रहे लेकिन जब शाम को अदालत का फैसला आया तो भाजपा खेमे में मायूसी फेल गई। जमानत के लिए भाजपा नेताओं को अब हाईकोर्ट की दौड़ लगानी होगी।
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अदालत ने खारिज कर दी जमानत

कांठ बवाल में भाजपा के अमरोहा जिलाध्यक्ष गिरीश त्यागी, संभल जिलाध्यक्ष महेश चंद्र गुप्ता, संभल के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र सिंह समेत साठ भाजपा कार्यकर्ता पांच जुलाई से जिला जेल में बंद हैं।

पुलिस ने चार जुलाई को बवाल के तुरंत बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया था, हालांकि इनमें से ज्यादातर बवाल के पहले से ही पुलिस हिरासत में थे। मुकदमे के दो अन्य अभियुक्तों अधिवक्ता सुधीर कुमार निवासी चंदक, मंडावली बिजनौर और अधिवक्ता मुकेश भारद्वाज निवासी बुद्धि विहार को अदालत ने पांच जुलाई को ही अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया था।

बाकी साठ अभियुक्तों की जमानत याचिका पर बुधवार को एडीजे-तृतीय अजय त्यागी की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने शाम को अभियुक्तों को जमानत पर रिहा करने से इनकार करते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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