हावड़ा-दिल्ली रूट पर मंगलवार को कालका मेल एक बड़े हादसे से बच गई। कौशाम्बी जिले के अथसराय रेलवे स्टेशन पर कालका मेल चलते-चलते दो हिस्से में बंट गई। राहत यह रही कि वाकये के वक्त कालका की स्पीड ज्यादा नहीं थी, नहीं तो बड़ा रेल हादसा हो सकता था।
इस बीच ट्रेन के अचानक दो हिस्से में बंटने से उसमें सवार यात्री घबरा गए। एक यात्री घायल भी हो गया। ट्रेन जब स्टेशन पर रुकी तो मालूम पड़ा कि उसके एस-5 कोच की कपलिंग टूट गई है, जो पैंट्रीकार कोच से जुड़ी हुई थी।
इस पूरे वाकये से हावड़ा-दिल्ली की अप लाइन में चलने वाली तमाम ट्रेनें फंस गईं, जबकि कालका मेले चार घंटे से ज्यादा समय तक अथसराय रेलवे स्टेशन पर ही खड़ी रही। रेलवे ने भी इस मामले में डिर्पाटमेंटल जांच करवाने का निर्णय लिया है।
गाड़ी संख्या 12311 कालका मेल मंगलवार सुबह 9.50 बजे इलाहाबाद जंक्शन से दिल्ली के लिए रवाना हुई। इसका अगला स्टॉपेज फतेहपुर में है। कौशाम्बी जिले के अथसराय रेलवे स्टेशन से सुबह 11.30 बजे के आसपास अभी ट्रेन गुजर ही रही थी कि अचानक उसमें सफर कर रहे यात्रियों को झटका लगा।
झटका ट्रेन के ड्राइवर को भी महसूस हुआ। किसी अनहोनी की आशंका से सहमे चालक ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया और ट्रेन आउटर सिगनल से पहले रुक गई। देखा गया कि ट्रेन दो हिस्से में बंट गई थी। इंजन समेत शुरू के सात कोच ट्रेन से अलग थे।
कपलिंग से हुआ ये सब
सातवां कोच पैंट्रीकार का था, जो आठवें कोच एस-5 से अलग हो गया। जांच के बाद मालूम पड़ा कि एस-5 कोच की कपलिंग टूट गई है। इस बीच पीछे के सभी कोच भी कुछ फासले पर रुक गए।
उधर, जैसे ही ट्रेन के दो भागों में बंटने की जानकारी यात्रियों को हुई, उनमें हड़कंप मच गया। रेलवे कर्मियों के साथ ही आसपास के इलाके में रहने वाले लोग भी पहुंच गए। राहत भरी बात यह रही कि अथसराय स्टेशन पर काशन होने के कारण ट्रेन की स्पीड काफी कम थी।
इस वजह से बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, ट्रेन में सफर कर रहा एक यात्री चंद्रमा प्रसाद पुत्र राम सेवक निवासी उरई थाना चुनार जिला मिर्जापुर घायल हो गया।
वहीं दूसरी ओर रेलवे के कई कर्मचारी घटना की सूचना मिलने के बाद एक दूसरी ट्रेन से अथसराय पहुंच गए। घटना को लेकर उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय का कहना है कि इस मामले में मैकेनिकल विभाग अपनी डिर्पाटमेंटल जांच करेगा।
पीछे के स्टेशनों पर फंसी कई ट्रेनें
कौशाम्बी जिले के अथसराय रेलवे स्टेशन पर कालका मेल के दो भागों में बंट जाने के बाद हावड़ा-दिल्ली रूट की अप लाइन पर चलने वाली ट्रेनों का संचालन अस्त व्यस्त हो गया।
हादसे के बाद इलाहाबाद से कानपुर जाने वाली तमाम ट्रेनें पीछे के स्टेशनों पर रोक ली गईं। गाड़ी संख्या 15483 महानंदा एक्सप्रेस, 12505 नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस, 12825 रांची-नई दिल्ली संपर्क क्रांति, 12938 हावड़ा-गांधीधाम गरभा एक्सप्रेस, 12987 सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनें रोक ली गईं।
इस दौरान अथसराय रेलवे स्टेशन से बाद में इन ट्रेनों को लूप लाइन से निकाला गया, जबकि वहां खड़ी कालका मेल का एस-5 कोच काटकर अलग कर लिया गया।
एस-5 कोच में बैठे यात्री दूसरे कोच में शिफ्ट किए गए। इसके बाद ट्रेन अपराह्न 2.50 बजे अथसराय स्टेशन से रवाना हो सकी। ट्रेन चार बजे तक फतेहपुर रेलवे स्टेशन को पार कर चुकी थी।