राष्ट्रपति भवन देखने आने वाले लोगों को अब बाल मानवाधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी के नोबेल पदक की झलक भी देखने को मिल सकेगी। उन्होंने बुधवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर अपना नोबेल पदक देश को समर्पित कर दिया।
अब पदक को राष्ट्रपति भवन के संग्रहालय में रखा जाएगा, जिसे लोग देख सकेंगे। बीते 10 दिसंबर को सत्यार्थी को पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई के साथ 2014 के नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजा गया था।
सत्यार्थी के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां उन्होंने अपना नोबेल पदक प्रणब मुखर्जी को सौंपा। इस मौके पर सत्यार्थी ने कहा कि सभी की निगाहें भारत पर हैं। ऐसे में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हम सभी की है। इस दौरान उन्होंने 14 साल से कम उम्र के बच्चों के काम करने पर प्रतिबंध लगाने के लिए सांसदों से जल्द एक कानून पारित करने का भी अनुरोध किया।