न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर देश के नए प्रधान न्यायाधीश बन गए हैं। उन्होंने न्यायमूर्ति एस. एच. कपाड़िया का स्थान लिया है। कबीर देश के 39वें चीफ जस्टिस बने हैं। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में न्यायमूर्ति कबीर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कबीर इस पद पर करीब दस महीने तक रहेंगे।
कोलकाता में 19 जुलाई 1948 को पैदा हुए न्यायमूर्ति कबीर ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से एलएलबी और एमए की उपाधि हासिल की। उन्हें छह अगस्त 1990 को कलकत्ता उच्च न्यायालय में स्थाई न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।
इसके पूर्व न्यायमूर्ति कबीर कलकत्ता उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश तथा झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश रह चुके हैं। उन्हें 9 सितंबर 2005 को उच्च न्यायालय में न्यायधीश नियुक्त किया गया था। उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय तथा कोलकाता की अन्य अदालतों के कंप्यूटीकरण का श्रेय हासिल है।
प्रोफाइल
-19 जुलाई 1948, कोलकाता में जन्म हुआ।
-कलकत्ता विश्वविद्यालय से एमए और एलएलबी की डिग्री प्राप्त की।
-1973 में कलकत्ता जिला अदालत से वकालत शुरू की।
-6 अगस्त 1990 को कलकत्ता हाईकोर्ट में स्थाई जज बने।
-11 जनवरी, 2005 को कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बने।
-1 मार्च 2005 को झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश बने।
-9 सितंबर 2005 को उच्च न्यायालय में न्यायधीश नियुक्त हुए।
-29 सितंबर 2012 को देश के 39वें प्रधान न्यायधीश का पद संभाला।