महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने बुधवार को विशेष मकोका कोर्ट को बताया कि लश्कर ए ताइबा आतंकी और 26/11 हमले का अहम षड्यंत्रकारी सैयद जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जुंदाल वर्ष 1996 से ही आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था।
औरंगाबाद हथियार मामले से जुड़े और एटीएस द्वारा कोर्ट में दाखिल किए गए ड्राफ्ट चार्ज में मकोका, गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम एक्ट, विस्फोटक एक्ट, विस्फोटक सामग्री एक्ट और भारतीय दंड संहिता के तहत कई आरोप लगाए गए हैं।
ड्राफ्ट में कहा गया है कि 1996 से 2006 की अवधि के दौरान देश के अंदर और बाहर उसने गैरकानूनी कार्य करने की साजिश रची। मुंबई कोर्ट ने फैक्स के जरिए ड्राफ्ट तिहाड़ जेल भी भेजा है। जुंदाल वर्तमान में तिहाड़ जेल में ही बंद है।
लश्कर आतंकी को बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। जुंदाल के वकील एजाज नकवी ने बताया कि जुंदाल ड्राफ्ट चार्ज को पढ़ेगा और हस्ताक्षर करने के बाद विशेष कोर्ट को भेजेगा। सरकारी वकील ने जज एसएम मडोक को बताया कि राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस की तैयारियों की वजह से जुंदाल को यहां नहीं लाया जा सका है।
वहीं दूसरी ओर नकवी ने कहा कि जुंदाल मुंबई नहीं आना चाहता है क्योंकि उसे डर है कि जेल में जर्मन बेकरी ब्लास्ट के आरोपी कातिल सिद्दीकी की तरह उसकी हत्या की जा सकती है या फिर कसाब की तरह उसे फांसी पर लटकाया जा सकता है।
एटीएस द्वारा दाखिल किए गए ड्राफ्ट चार्ज को देखते हुए मुंबई कोर्ट के जुंदाल के खिलाफ 16 जनवरी को आरोप तय किए जाने की संभावना है। 8 मई 2006 को महाराष्ट्र एटीएस की टीम ने एक टाटा सूमो और एक इंडिका कार का औरंगाबाद के पास चंदवाड मनमाड हाईवे पर पीछा किया था।
एटीएस ने तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 30 किलो आरडीएक्स, 10 एके 47 असॉल्ट राइफल और 3200 बुलेट जब्त की थी। ऐसा माना जाता है कि इंडिका कार को खुद जुंदाल चला रहा था और पुलिस की गिरफ्त से बचकर निकलने में सफल रहा था। इस घटना के बाद जुंदाल बांग्लादेश फरार हो गया था।