शाहजहांपुर में जिंदा जलाए गए पत्रकार जगेंद्र सिंह का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें बुरी तरह से तड़पते हुए जगेंद्र सिंह कह रहे हैं कि उन्हें कोतवाल श्रीप्रकाश राय सहित पांच-छः पुलिस वालों ने जिंदा जलाया है।
उन्होंने कहा कि अगर पुलिस वालो को उन्हें गिरफ्तार ही करना था तो गिरफ्तार कर लेते लेकिन जलाया क्यों? उन्होंने वीडियो में कहा कि पुलिस वाले दिवार फांदकर उनके घर में घुस आए और फिर उन पर पेट्रोल डाल कर आग लगा दी।
उन्होंने इस वीडियो में गुफरान नाम के एक शख्स का भी नाम लिया है। बताते चलें कि पत्रकार जगेंद्र राय 1 जून को बुरी तरह झुलसे हुए हालात में मिले थे जिसके बाद उनका इलाज चल रहा था लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी मौत 8 जून को हो गई।
आईजी ने कहा जल्द ही पूरी होगी जांच
जिसके बाद 9 जून को राज्य मंत्री राम मूर्ति वर्मा, कोतवाल श्री प्रकाश राय समेत छः नामजद और 4 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस मामले में आला अफसरों की मानें तो जांच एक सप्ताह में पूरी कर रिपोर्ट डीजीपी मुख्यालय को दे दी जाएगी। सरकार का पक्ष रखते हुए आईजी कानून-व्यवस्था ए. सतीश गणेश ने बताया जांच की कवायद में पुलिस ने जगेंद्र की पत्नी व पुत्रों समेत चार लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
यह भी बताया कि लखनऊ से शाहजहांपुर गई फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके से कुछ साक्ष्य हासिल किए हैं और यह टीम लखनऊ लौट आई है जहां प्रयोगशाला में साक्ष्यों का विधिक परीक्षण कर इसकी रिपोर्ट कुछ ही दिनों में शाहजहांपुर के एसपी को सौंपी जाएगी।
राज्यपाल ने दी प्रधानमंत्री की जानकारी
राज्यपाल राम नाईक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर राज्य के हालात के साथ पत्रकार को जलाए जाने की घटना की जानकारी दी। नाईक ने पत्रकार को जलाए जाने की घटना का विस्तार से जिक्र किया।
उनके मुताबिक, यह एक गंभीर घटना है और उन्होंने राज्य सरकार को पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है इसके अलावा, नाईक ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इसकी गहराई से जांच कराने के लिए पत्र लिखा है।
राज्यपाल ने इस बाबत मुख्यमंत्री से बात भी की है। वहीं, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, रामगोपाल यादव व शिवपाल यादव शुक्रवार देर रात मुलायम सिंह यादव के आवास पर पहुंचे। ये सभी मुलायम के यहां डिनर के लिए आए थे। हालांकि माना जा रहा है कि इस दौरान पत्रकार हत्याकांड में कार्रवाई को लेकर बढ़ रहे दबाव पर भी चर्चा हुई।
प्रेस काउंसिल कर रही है कार्रवाई की मांग
इसी बीच, वर्मा पर कार्रवाई को लेकर सरकार और पार्टी ने तो चुप्पी साध ली, लेकिन शाम तक शाहजहांपुर के ही पूर्व विधायक देवेन्द्र पाल सिंह को पार्टी से निकाले जाने की खबर ने इस रहस्य को और गहरा कर दिया है।
राजभवन सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा है कि जगेंद्र हत्याकांड में दो अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। एक तरफ राज्यमंत्री पर उनकी हत्या का आरोप लगाया जा रहा है तो दूसरी तरफ पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है।
उन्होंने कहा है कि विषय काफी गंभीर है और गहन जांच से ही सही स्थिति सामने आ सकती है। उत्तर प्रदेश के एक मंत्री द्वारा पत्रकार जगेंद्र को कथित तौर पर जिंदा जलाने की वहशियाना हरकत के खिलाफ पत्रकार संगठन खड़े हो गए हैं।
एडिटर्स गिल्ड और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया जैसी संस्थाएं लगातार अखिलेश सरकार के मंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं लेकिन यूपी सरकार ने एफआईआर दर्ज करने के अलावा कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। (फोटो में आरोपी मंत्री राम मूर्ति वर्मा)
सरकार कार्रवाई के मूड में नहीं
सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने फिलहाल राममूर्ति वर्मा पर कोई कार्रवाई न किए जाने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि एफआईआर का मतलब किसी का अपराधी या दोषी होना नहीं है। जांच चल रही है।
जांच के बाद सारे तथ्य सामने आ जाएंगे। सूत्रों की मानें तो मुलायम के घर हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने राममूर्ति वर्मा से त्यागपत्र लेने का सुझाव दिया लेकिन अंत में यही फैसला हुआ कि इससे सरकार पर दबाव और बढ़ेगा इसलिए अभी इंतजार करना ही ठीक रहेगा।
देखें जगेन्द्र सिंह का वीडियो :