यूपी के महासंपर्क अभियान की समीक्षा बैठक से यजमान यानी कानपुर नगर के सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी गायब रहे। इसकी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के बीच काफी चर्चा रही।
मीडिया ने भी स्थानीय सांसद के न आने का सवाल राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजय वर्गीय और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्रीकांत शर्मा से पूछा लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका। बताया गया कि राष्ट्रीय और यूपी के 850 पदाधिकारी, कार्यकर्ता आए हैं। सबके फीड बैक से अभियान की समीक्षा की गई है।
भाजपा के आठ क्षेत्रों की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को कानपुर के होटल कान्हा गैलेक्सी में हुई। इसमें यूपी के सभी 71 सांसदों को हिस्सा लेना था। लेकिन, शहर के सांसद मुरली मनोहर जोशी की नदारद रहे। वे क्यों नहीं आए? इसके बारे में कोई जवाब नहीं दिया गया।
किसी के पास नहीं था कोई जवाब
वहीं लखनऊ के सांसद गृहमंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को नई दिल्ली में बैठक होने की वजह से नहीं आ सके। सांसद वरुण गांधी, उमा भारती सहित तमाम और सांसद नदारद रहे।
कई स्थानीय पदाधिकारी भी बैठक में हिस्सा लेने नहीं पहुंचे। इसे लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व ने नाराजगी जताई है। साफ कहा है कि बैठक से अनुपस्थित रहने वालों को जवाब देना होगा।
दूसरी तरफ महासंपर्क अभियान (ऑनलाइन सदस्यता) को सफल बनाने वाले मंडल और वार्ड अध्यक्ष, महामंत्री को बैठक में नहीं बुलाया गया। इसे लेकर स्थानीय पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई है।
संजय जोशी की पार्टी में वापसी को निकाला मार्च
भाजपा की सक्रिय राजनीति में संजय जोशी की वापसी की मांग को लेकर कुछ लोगों ने मार्च निकाला।
हाथों में पोस्टर, बैनर लेकर राकेश तिवारी ने कहा कि संजय जोशी भाजपा के कद्दावर नेता रहे हैं। उन्हें साइड लाइन करने से पार्टी को नुकसान हो रहा है। जोशी की यूपी में अच्छी पकड़ है। उनकी वजह से यूपी का संगठन मजबूत नहीं हो पा रहा है।
इस दौरान भाजपा नेताओं ने मार्च निकालने वालों का विरोध किया और कहा कि भाजपा मजबूत स्थिति में है।
मार्च निकालने वालों में चेतन शुक्ला, राहुल, जितेंद्र, आशु वर्मा, प्रीति तिवारी, मंजूर मजहरी, तौफीक आलम, पप्पू कोहली, रवि शुक्ला, अनुराग तिवारी, उमेश और रमेश मौजूद रहे।