ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर नौकरी करने का सपना संजोए बैठे सैकड़ों युवाओं की उम्मीद पर डाक विभाग ने पानी फेर दिया।
इस पद के लिए आवेदन करने वाले युवाओं के पोस्ट किए गए फॉर्म गुरुवार को सासनी के रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर पड़े मिले। इसकी जानकारी जब आवेदनकर्ताओं को हुई तो वह मुख्य डाकघर पहुंच गए।
युवाओं ने वहां जमकर हंगामा काटा। इस दौरान उनकी डाक अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई।
पंचायत राज विभाग द्वारा इसी माह विभिन्न जिलों में ग्राम पंचायत अधिकारियों की नियुक्ति के लिए रिक्तियां निकाली थीं। इन रिक्तियों का प्रकाशन अखबारों के माध्यम से किया गया था।
इसके लिए हाथरस जनपद के काफी युवाओं ने 16 सितंबर को डाकघर के माध्यम से पंजीकृत डाक से बस्ती, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, हाथरस व अन्य कई जिलों के लिए आवेदन किए थे। उनके यह आवेदन मंगलवार को सासनी के रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर गांव हड़ौली के एक युवक को पड़े हुए मिले।
युवक ने आवेदन फॉर्मों पर पडे़ मोबाइल नंबर पर कॉल कर आवेदनकर्ताओं को इसकी जानकारी दी। यह लोग फॉर्मों और लिफाफों को ले आए। इनपर डाकघर हाथरस की मोहर भी लगी हुई थी। सभी युवा मुख्य डाकघर पर पहुंचे और वहां अफसरों से इसकी शिकायत की।
अफसरों ने झाड़ा पल्ला
मामला जानकर अफसरों ने इससे पल्ला झाड़ लिया। अफसरों ने बताया कि उनके डाकघर से जिन फॉर्मों की रजिस्ट्री हुई है वह फॉर्म तो अलीगढ़ पहुंच चुके हैं, वहां से जहां भी यह फॉर्म पहुंचने जाने हैं, वहां भेजा जा रहा है। यह सुनकर आवेदनकर्ता भड़क गए।
युवाओं का आरोप था कि डाक विभाग ने उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। इसकी शिकायत वह उच्चाधिकारियों से करेंगे।
अलीगढ़ डाकविभाग के एसएसपी केडी मिश्रा का कहना है कि आवेदनकर्ताओं ने मुझसे शिकायत की है। मामला वाकई गंभीर है, इसकी जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।