जेएनयू विवाद में सामने आए वीडियो को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली सरकार की ओर से कराई फोरेंसिक जांच में पता चला है कि इन वीडियो से छेड़छाड़ हुई है। इस मामले में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की करीबी शिल्पी तिवारी का नाम सामने आ रहा है।
रिपोर्ट में तीन वीडियो ऐसे हैं जिन पर संदेह जताया गया है, इनमें से एक का सीधा संबंध शिल्पी तिवारी से बताया गया है। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक रिपोर्ट में जो बातें सामने आई हैं उसमें पता चलता है कि रिकॉर्डिंग क्यू1 और क्यू2 में होंठ हिलते हुए दिखते हैं, लेकिन इसमें विसंगतियों के संकेत मिलते हैं।
इसमें मिलने वाली ऑडियो स्ट्रीम मूल रूप से रिकॉर्ड वीडियो का हिस्सा नहीं है। इसलिए बातचीत प्रामाणिक नहीं लगती है और वक्ताओं का भाषण सच्चा नहीं लगता है।