ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि एक जर्मन युवती से बलात्कार के दोषी बिट्टी मोहंती को दोबारा जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने में उसकी प्रेमिका का हाथ है।
उसी ने बैंक को बिट्टी जोकि राघव राजन के नाम से नौकरी कर रहा था कि पहचान को संदिग्ध बताते हुए पत्र लिखा था।
ओडिशा के पूर्व डीजीपी के फरार बेटे बिट्टी को केरल पुलिस ने इसी पत्र के आधार पर गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस ने इन अटकलों की न तो पुष्टि की है और न ही इसका खंडन किया है। पुलिस का कहना है कि उसकी जांच का फोकस यह बात नहीं है।
खबरों के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर में राघव राजन नाम से नौकरी कर रहे बिट्टी का अपनी ही बैच की एक पीओ युवती से प्रेम संबंध था।
शुरुआत में प्रेम प्रसंग सही चल रहा था लेकिन शादी की बात आने पर बिट्टी डर गया और उसे लगा कि कहीं उसकी पोल न खुल जाए। इससे वह शादी को टालता रहा।
हालांकि दूसरी ब्रांच में नौकरी कर रही युवती बिट्टी से शादी करने को लेकर प्रतिबद्ध थी और उसने अपनी यह इच्छा अपने परिजनों को भी बताई। परिजनों ने पहले इंकार कर दिया लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही।
इस बीच उसके परिजन राघव उर्फ बिट्टी के बारे में जानकारी एकत्र कर रहे थे तभी दिल्ली गैंगरेप की घटना के चलते टीवी चैनलों पर अन्य लोगों के साथ उसकी भी तस्वीर दिखाई गई जोकि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने के बाद से फरार थे।
टीवी में बिट्टी की तस्वीर को देखकर युवती के परिजनों को राघन राजन की असली पहचान को लेकर संदेह हुआ। युवती को भी अब बिट्टी पर शक होने लगा था।
इसी बीच बैंक को एक अनाम खत मिला जिसमें कहा गया था कि आपके यहां काम कर राघव राजन नामक व्यक्ति दरअसल बिट्टी है जोकि राजस्थान के अलवर में एक जर्मन युवती से बलात्कार का दोषी है और 2006 में पैरोल पर रिहा होने के बाद से फरार है।
बैंक ने यह खत अपने हेडक्वार्टर भेज दिया, जिसने पुलिस को सौंप दिया। बैंक हेडक्वार्टर के विश्वसनीय सूत्रों ने कहा कि यह सही है कि राघव राजन की असली पहचान पर संदेह जताने वाला पत्र मिला था लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि यह पत्र किसने लिखा था।