पिछले कई दिनों से राजनीतिक संकट में फंसे झारखंड में आखिरकार राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। राज्य के 12 साल के इतिहास में यह तीसरा मौका है, जब झारखंड में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया है। झारखंड के गवर्नर सैयद अहमद के सहयोग के लिए पूर्व केंद्रीय गृह सचिव मधुकर गुप्ता और सीआरपीएफ के रिटायर्ड महानिदेशक के विजय कुमार को सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया गया है।
कोलकाता के दौरे पर गए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। वर्ष 2000 में बिहार से अलग होने के बाद से झारखंड में आठ बार सरकार बदल चुकी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की थी। झारखंड में अल्पमत में आने के बाद मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने इस्तीफा दे दिया था। राज्य में 2009 और 2010 में भी राष्ट्रपति शासन लागू हो चुका है।