भाजपा सांसद राम जेठमलानी ने एक बार फिर पार्टी की जमकर किरकिरी कराई है। पार्टी लाइन को नकारते हुए जेठमलानी ने सीबीआई के नए निदेशक की नियुक्ति संबंधी केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया है।
भाजपा के दिग्गजों सुषमा स्वराज और अरुण जेटली के नियुक्ति पर ऐतराज को खारिज करते हुए जेठमलानी ने भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी को पत्र लिखकर रंजीत सिन्हा की नियुक्ति के विरोध को गलत ठहराया है। इतना ही नहीं जेठमलानी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर सिन्हा को सीबीआई निदेशक बनाने के लिए उन्हें बधाई दी है।
जेठमलानी ने कहा है कि इस नियुक्ति का विरोध कर भाजपा ने गलत किया है। उन्होंने गडकरी से कहा है कि इस नियुक्ति पर बेवजह विवाद खड़ा नहीं करना चाहिए। जेठमलानी के इस कदम से अब केंद्र सरकार को अपने फैसले को पुरजोर तरीके से सही ठहराने का मौका मिल गया है। संसद में इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश में जुटी भाजपा की रणनीति को जेठमलानी ने लगभग विफल कर दिया है।
यह दूसरा मौका है जब जेठमलानी ने भाजपा की फजीहत कराई है। इससे पहले उन्होंने सार्वजनिक तौर पर पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग कर भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी थी। इस बार जेठमलानी ने एक तरह से लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली को नकार दिया है, क्योंकि सीबीआई के नए निदेशक की नियुक्ति पर एतराज जताते हुए इस दोनों नेताओं ने ही संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। वैसे पीएम ने शुक्रवार की रात ही जेटली को इस पत्र के जवाब में लिख भेजा था कि मौजूदा नियमों के तहत पूरी प्रक्रिया निभाने के बाद ही सीबीआई निदेशक की नियुक्ति की गई है।
वास्तव में भाजपा नए सीबीआई निदेशक की नियुक्ति का विरोध एक अधिकारी के उकसाने पर कर रही है। ये अधिकारी रंजीत सिन्हा के साथ इस पद की रेस में शामिल थे। सिन्हा की नियुक्ति के बाद इस अधिकारी को शुक्रवार को कैट से अपनी याचिका वापस लेनी पड़ी।
-राम जेठमलानी