दिल्ली हाईकोर्ट ने जेसिका लाल हत्याकांड में एक्टर शायन मुंशी के खिलाफ शपथ लेकर झूठी गवाही देने का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
मुंशी के साथ-साथ बैलिस्टिक विशेषज्ञ प्रेम सागर मिनोका के खिलाफ भी कोर्ट ने शपथ लेकर झूठी गवाही देने का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
जस्टिस रविंद्र भट्ट और जीपी मित्तल की बेंच ने इस मामले में 17 गवाहों को बरी कर दिया।
इस मामले में आरोप साबित होने पर अधिकतम सात साल कैद की सजा का प्रावधान हैं। शायन और 18 लोगों पर गवाही के दौरान अपने बयान से पलटने का आरोप था। इस मामले में चार मई 2011 को कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
कोर्ट ने अभियोजन पक्ष से पूछा था कि इतने गवाह अपने बयान से कैसे पलट गए।
मॉडल जेसिका लाल को 29-30 अप्रैल को दक्षिणी दिल्ली के महरौली एरिया में बीना रमानी के रेस्टोरेंट टेमेरिंड कोर्ट में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
जेसिका को मनु शर्मा ने गोली मारी थी। जेसिका ने मनु को शराब परोसने से इंकार कर दिया था। इस पर मनु आपा खो बैठा था।
मनु हरियाणा के कांग्रेस नेता विनोद शर्मा का बेटा है। दिल्ली हाईकोर्ट मनु शर्मा को उम्रकैद की सजा सुना चुकी हैं। शायन ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी।
अप्रैल 2010 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था। इस मामले में शायन ने कोर्ट से अपील की थी कि उसके खिलाफ मुकदमा न चलाया जाए क्योंकि उसे होस्टाइल करार नहीं दिया जा सकता क्योंकि खुद सुप्रीम कोर्ट ने अभियुक्त को दोषी करार देने में उसकी गवाही के एक हिस्से का इस्तेमाल किया है।