तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर होने वाले मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में नहीं जाने का फैसला किया है।
नई दिल्ली में यह बैठक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में होगी।
जयललिता ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपने फैसले से अवगत कराते हुए कहा कि इस तरह के सम्मेलन ‘वार्षिक रस्म’ बन गए हैं, जिसमें मुख्यमंत्री को अपने विचार रखने का बहुत ही कम मौका दिया जाता है। सम्मेलन के एजेंडे में ही 12 विषय हैं, जिसके शीर्षक पढ़ने में ही 10 मिनट का समय खर्च हो जाएगा।
जयललिता ने कहा कि ऐसे में निर्धारित समय सीमा में मुख्यमंत्री अपने विचारों को सही ढंग से नहीं रख पाएंगे। ऐसे में अपनी बात रखने की आपाधापी में फंसने की बजाय मैं अपने विचार टेबल पर रखना ज्यादा बेहतर समझती हूं। हालांकि हमारे प्रतिनिधि इस सम्मेलन में मौजूद रहेंगे।
दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बैठक में शामिल न होने के लिए कोई कारण नहीं बताया।
राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने इस बात की पुष्टि कर दी कि वह इस सम्मेलन में नहीं जाएंगी। पिछले साल भी ममता ने इस बैठक से दूरियां बनाए रखी थी।