तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने डीजल के दाम में बढ़ोतरी के केंद्र के फैसले को यूपीए सरकार की गलत नीतियों का विस्तार करार दिया है।
जयललिता ने मूल्य वृद्धि की आलोचना करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है और पेट्रो उत्पादों के लिए नई मूल्य व्यवस्था लागू करने को कहा है।
जयललिता ने एक बयान जारी कर कहा कि जिन लोगों ने सरकार बदलने से विकास की उम्मीद लगाई थी, उन्हें इस मूल्य वृद्धि से निराशा हुई है। उनका कहना था कि तेल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से बढ़ाई गई कीमतें सही नहीं हैं।
लिहाजा मोदी सरकार को पेट्रो उत्पादों की कीमतों को तय करने के लिए नई व्यवस्था लागू करनी चाहिए। जयललिता चाहती हैं पेट्रोल और डीजल की कीमत आयातित कच्चे तेल के दाम और इसकी प्रोसेसिंग में आने वाली घरेलू लागत को जोड़ कर तय की जाए।
इससे पेट्रोलियम उत्पादों के दाम घटाने और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री ने कहा कि डीजल की बढ़ी कीमतों से सभी वर्गों के लोगों खास कर गरीबों और मध्य वर्ग पर दबाव बढ़ेगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने शनिवार को डीजल के दाम में 50 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी थी। इसमें राज्यों की ओर से लगाया जाने वाला टैक्स शामिल नहीं है।