बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का राजनीतिक करियर भले ही बेहद छोटा रहा हो, लेकिन उस छोटे से सियासी सफर में कई हिस्से ऐसे हैं, जो बिग बी को गाहे-बगाहे सुर्खियों में ला ही देते हैं।
अमिताभ के कुछ ऐसे ही अनछुए पहलुओं और कहानियों को उनकी पत्नी और राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने हाल ही में लॉन्च हुई एक किताब के जरिए देश के सामने रखा है।
समाजवादी नेता बृजभूषण तिवारी के राजनीतिक और सामाजिक जीवन पर लिखी इस किताब के पन्नों में जहां जया ने अमिताभ के आंसुओं का जिक्र किया है, वहीं बिग बी को लेकर कुछ ऐसे राज भी खोले हैं, जो शायद ही आपने पहले कभी पढ़े या सुने हों।
कांग्रेस नहीं, खुद के करिश्मे से जीते थे बिग बी
"संघर्ष पथ: समाजवादी पुरोधा बृजभूषण तिवारी पर एक एकाग्र" नाम की इस किताब में जया ने दावा किया है कि अमिताभ बच्चन ने 1984 में इलाहाबाद से कांग्रेस के टिकट पर जो लोकसभा चुनाव जीता, उसके पीछे कांग्रेस की कोई भूमिका नहीं थी, जैसा अक्सर दावा किया जाता है।
जया ने किताब में पुरजोर तरीके से इस बात को उठाया है कि अमिताभ बच्चन ने हेमवती नंदन बहुगुणा जैसे दिग्गज नेता को अपने खुद के करिश्मे और छवि के बल पर चुनाव में हराया था। उन दिनों बहुगुणा को 'अनबिटेबल' कहा जाता था, यानी जिन्हें हराया न जा सके।
जया के मुताबिक अमिताभ की वो जीत बहुत बड़ी जीत थी और उस जीत के बाद कांग्रेस के कई बड़े नेता असुरक्षित महसूस करने लगे थे। 324 पन्नों की यह किताब लखनऊ निवासी एक पत्रकार राधेकृष्ण ने लिखी है, जिसे लिखने में कुछ नामचीन लेखकों सहित बिग की पत्नी जया बच्चन ने भी योगदान दिया है।
जब रोने लगे अमिताभ बच्चन
बिग बी के एक अहम राज का जिक्र करते हुए जया ने बताया कि एक बार उनके ससुर हरिवंश राय बच्चन ने अमिताभ को अपने पास बुलाया और उनसे बोफोर्स घोटाले के बारे में पूछा।
जया के मुताबिक उनके ससुर ने पूछा कि अखबारों में बोफोर्स घोटाले को लेकर जो खबरें आ रही हैं, क्या वे सही हैं? जवाब में अमिताभ ने कहा कि वे खबरें आधारहीन हैं और उनमें कोई सच्चाई नहीं है।
जया ने आगे बताया कि इसके बाद अमिताभ अपने कमरे में आए और रोने लगे। बिग बी इस बात से दुखी हुए कि उनके पिता ने एक राजनीतिक मुद्दे को लेकर उनसे सफाई मांगी। जया ने लिखा है कि बोफोर्स घोटाले से उनके परिवार का कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी उनके परिवार को उस घोटोले से जोड़कर देखा गया, यह बिग बी के लिए बहुत दुखदाई था।
बिग बी ने ठुकरा दिया सपा का टिकट
किताब में जया ने यह भी खुलासा किया है कि समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने अमिताभ बच्चन को दो बार लोकसभा चुनाव के टिकट की पेशकश की थी।
जया के मुताबिक मुलायम ने 2004 और 2009 में बिग भी को सपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। यहीं नहीं, मुलायम ने अमिताभ को राज्यसभा के जरिए भी संसद पहुंचने को कहा, लेकिन वे इस बात पर राजी नहीं हुए।
जया ने बताया कि उन्हें राजनीतिक जीवन में आने की अनुमति भी इस शर्त पर मिली थी कि उनके किसी कार्य से बच्चन परिवार पर कोई उंगली नहीं उठनी चाहिए।