इलाहाबाद संगम की रेती पर बसी तंबुओं की नगरी में त्रिवेणी मार्ग स्थित काशी सुमेर पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती के शिविर में बुधवार को हुई धर्मसभा में गौ, गंगा, गायत्री, संस्कृत भाषा के उन्नयन, राममंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने सहित नौ प्रस्ताव पारित किए गए। संतों ने मंदिरों का अधिग्रहण किए पर घोर आपत्ति की।
शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि सरकार वृंदावन, काशी सहित देश केकई तीर्थ स्थानों का अधिग्रहण कर चुकी है और अब चोरी की घटनाओं का हवाला देकर विंध्याचल सहित कई मंदिरों के अधिग्रहण की तैयारी में है जबकि देश के संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। तीर्थ स्थानों का सरकारीकरण (मंदिरों के अधिग्रहण) अविलंब बंद होना चाहिए। उन्होंने सपा सरकार पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप भी लगाया। शंकराचार्य ने फिर हिन्दुओं से दस-दस बच्चे पैदा करने और संयासियों को सिला कपड़ा न पहनने की सलाह दी।
काशी सुमेर पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने भी विंध्याचल मंदिर अधिग्रहण किए जाने का विरोध किया। कहा, भारत कैलाश मानसरोवर को अपने मानचित्र में शामिल करे जैसे चीन अपने नक्शे में अरुणाचल प्रदेश को शामिल करता है। विवाह पंजीकरण अधिनियम में संशोधन के साथ माता-पिता की स्वीकार्यता केबिना कोर्ट में भी शादी को विधिक मान्यता न मिले। एमए स्तर तक संस्कृत पढ़ाने और अधिकाधिक पौधरोपण भी किया जाए।
स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने फिल्म ‘पीके’ को सनातन धर्म के प्रति षड़यंत्र बताया। कहा, इसका अर्थ पाकिस्तानी-कुत्ता होना चाहिए क्योंकि इसमें सनातन धर्म की भावनाओं से खिलवाड़ है।
सनातन धर्म की रक्षा को बीस लाख सैनिक
शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए कर्नल तेजेंद्र पाल के संयोजन में जय हिंद फौज का गठन किया जाएगा। वहीं कर्नल धर्मवीर डोगरा और एक मेजर की देखरेख में कमेटी बनाई गई है। अब तक 18 टीमों का गठन किया गया है। 15 मार्च तक सौ टीमे बनेंगी जिसमें बीस लाख सेवानिवृत्त सैनिक शामिल होंगे।
यमुना सफाई के लिए भी यात्रा
यमुना की सफाई के लिए 15 मार्च को यात्रा निकाली जाएगी जो वृंदावन से शुरू होकर हथिनीकुंड पहुंचकर पूरी होगी। इसमें एक लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे।