19 मार्च को दिल्ली प्यासी रह सकती है।
जाटों ने अब ऐलान कर दिया है कि वे हरिद्वार से मुरादनगर तक कहीं भी दिल्ली की जलापूर्ति बाधित कर सकते हैं।
हालांकि उन्होंने जगह का खुलासा नहीं किया है। इससे पहले शनिवार को मुरादनगर के शमशेरपुर में चल रहा धरना जाट नेताओं की गिरफ्तारी के बाद खत्म हो गया।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव सतपाल चौधरी के नेतृत्व में शमशेरपुर में शुक्रवार को जाटों की महापंचायत हुई थी।
महापंचायत में सोनिया विहार रेगुलेटर से दिल्ली जलापूर्ति बाधित करने के अंदेशे के चलते इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा था।
शनिवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने हाथ में हथौड़ा और खुदाला लेकर प्रदर्शन किया और पाइप लाइन क्षतिग्रस्त करने की धमकी दी। सूचना पर पहुंचे सीओ रणविजय सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझा बुझाकर शांत कराया।
बाद में धरने पर बैठे सतपाल चौधरी और ग्राम प्रधान ओमपाल सिंह के नेतृत्व में 30 जाटों ने गिरफ्तारी देकर धरना समाप्त करने घोषणा की।
सीओ ने बताया कि गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को मुचलकों में पाबंद कर छोड़ दिया गया है। समिति के राष्ट्रीय महासचिव सतपाल चौधरी का कहना है कि 19 मार्च को हरिद्वार से लेकर मुरादनगर सोनिया विहार रेगुलेटर तक गंगनहर का निरीक्षण किया जाएगा और जहां इच्छा होगी वहां दिल्ली की जलापूर्ति रोक दी जाएगी।
जाट नेता के इस ऐलान के बाद गाजियाबाद पुलिस समेत गंगनहर से जुड़े पुलिस थानों में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तारी देने वालों में सतपाल चौधरी, ओमपाल सिंह, हातिम, नवाब अली, निशांत सिंह, त्रिलोक चंद, सुरेंद्र, मनोज समेत 30 जाट नेता मौजूद रहे।