भाजपा से बागी हुए पूर्व विदेश मंत्री और वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह ने राजस्थान के बाडमेर से निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया है।
जसवंत सिंह ने तगड़ा झटका देते हुए पार्टी के विरुद्ध खुली बगावत कर दी है। जसवंत सिंह पार्टी से टिकट नहीं दिए जाने पर नाराज थे।
वहीं भाजपा ने कांग्रेस से आए जसवंत सिंह की जगह कर्नल सोनेराम को बाडमेर से टिकट दिया है। काफी दिनों से भाजपा में इस सीट को लेकर काफी खींचतान चल रही थी।
'मैं टेबल कुर्सी नहीं हूं जो कहीं भी एडजस्ट कर दो'
इससे पहले जसवंत सिंह ने रविवार को पार्टी पर सख्त लहजे में निशाना साधा।
अपने गृह क्षेत्र बाड़मेर पहुंचे सिंह ने कहा कि वह कोई टेबल, कुर्सी नहीं हैं, जिसे कहीं भी एडजस्ट कर दिया जाए। पार्टी आलाकमान के बयानों को अपमानजनक करार दिया।
वसुंधरा राजे ने भी कसी कमर
उन्होंने सोमवार को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल करने का भी ऐलान किया। उनके विधायक पुत्र मानवेंद्र सिंह ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पार्टी से एक महीने की छुट्टी मांगी है।
इस बीच मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जैसलमेर और बाड़मेर के आठ विधायकों को तलब कर पार्टी के पक्ष एकजुट होकर काम करने का निर्देश दिया है।
आज दाखिल करेंगे पर्चा
असंतुष्ट जसवंत ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि वह एडजस्टमेंट की राजनीति में विश्वास नहीं करते हैं। पार्टी ने अपने सिद्धांतों से समझौता किया है।
वह अपना अंतिम चुनाव घर से लड़ना चाहते थे लेकिन पार्टी ने टिकट ही दिया। उन्होंने बाड़मेर से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया।
जसवंत को लेकर समर्थकों में जोश
भाजपा के बागी नेता ने कहा कि उन्होंने कभी किसी दूसरे दल में शामिल होने के बारे में सोचा तक नहीं। कांग्रेस को भी सपने नहीं देखने चाहिए। उन्होंने कहा कि वह जाति की राजनीति नहीं करते हैं।
टिकट कटने के बाद बाड़मेर पहुंचने पर हजारों समर्थकों ने जसवंत का स्वागत किया तथा जमकर नारे लगाए।