मुजफ्फरनगर के मुस्लिम युवाओं पर दिया गया कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का बयान एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार उनकी ही पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा है कि राहुल को अपने बयान को लेकर माफी मांगनी चाहिए।
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रमेश ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि कोई भी उनके (राहुल के) इरादे पर शक नहीं कर सकता लेकिन यह जिस तरीके से सामने आया, वह नहीं होना चाहिए था।
माफी मांग लेनी चाहिए
लेकिन जब किसी पत्रकार ने उनसे सवाल किया कि क्या राहुल गांधी को अपने बयान पर माफी नहीं मांगनी चाहिए, रमेश ने कहा कि मैं इस टिप्पणी नहीं कर सकता कि राहुल गांधी जी क्या कहेंगे या करेंगे। लेकिन अगर आप मुझसे पूछ रहे हैं कि राहुल गांधी को इस पर सफाई देनी चाहिए या माफी मांगनी चाहिए तो हां, मैं आपकी बात से सहमत हूं।
हालांकि जयराम रमेश ने बाद में अपने इस विवादास्पद बयान पर कहा है कि उन्होंने कभी भी ऐसा बयान नहीं दिया था, मीडिया ने इसे तोड़ मरोड़ कर पेश किया है।
फिर बयान से पलटे रमेश
राजधानी रायपुर के कांग्रेस भवन में संवाददाता सम्मेलन में जब रमेश से पूछा गया कि क्या उन्होंने मुज्जफरनगर दंगों के संबंध में बयान देने के लिए राहुल गांधी को मुस्लिम समुदाय से माफी मांगने को लेकर बात कही थी तो रमेश ने कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा है और चैनलों ने इसे टिवस्ट किया था। वह टिवस्ट करने वाले चैनलों से कुछ नहीं कहना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वह यहां छत्तीसगढ़ के बारे में बात करेंगे न कि मुजफ्फरनगर के बारे में।
दरअसल, कुछ दिनों पहले राहुल ने राजस्थान के चुरू में एक चुनावी रैली के दौरान कहा था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई मुजफ्फरनगर हिंसा के बाद से वहां के कुछ युवाओं के संपर्क में है। राहुल ने कहा था कि एक खुफिया विभाग के अधिकारी ने उन्हें यह जानकारी दी है।
राहुल के इस बयान के बाद बड़ा राजनीतिक बवाल मचा था और बीजेपी ने इस बात पर भी सवाल उठाए थे कि एक खुफिया विभाग का अधिकारी राहुल को अपनी रिपोर्ट क्यों देता है। इस मामले पर चुनाव आयोग ने राहुल को आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में बीते 31 अक्टूबर को नोटिस जारी किया था, जिसके जवाब में राहुल ने खुद को बेकसूर बताया।