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विवादों के साथ खत्म हुआ जयपुर साहित्य महोत्सव

Mon, 28 Jan 2013 10:11 PM IST
जयपुर/समीर शर्मा
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जयपुर साहित्य महोत्सव के आखिरी दिन सोमवार को भी नया विवाद खड़ा हो गया। दो अलग-अलग सत्रों में मंच से राजस्थान की पहली जेल अधीक्षक और वुमन एंड चाइल्ड वेलफेयर पर लिखने वाली प्रीता भार्गव ने महिलाओं को सेक्स की आजादी मिलने की वकालत की, तो विवादास्पद लेखक जीत थाइल ने अपने उपन्यास का भद्दी गालियों वाला अंश पढ़कर नया विवाद खड़ा कर दिया।
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महोत्सव में ‘स्त्री होकर सवाल करती हो’ विषयक सत्र में प्रीता ने कहा कि स्त्री को सेक्स की आजादी होनी चाहिए। जिस तरह पुरुष को आजादी दी हुई है, वह कहीं भी आ-जा सकता है, संबंध बना सकता है, उसी तरह महिलाओं को भी ऐसी आजादी मिलनी चाहिए। भार्गव की महिलाओं पर की गई टिप्पणी से श्रोता भड़क गए और उनके सामने सवालों की झड़ी लगा दी। विवाहेतर सेक्स संबंधों पर बहस छिड़ गई।

कुछ ने सवाल दागा कि आखिर आप यह कैसे कह सकती हैं? सेक्स की आजादी मिलने पर वैवाहिक संबंधों का क्या होगा? श्रोताओं के तीखे सवालों से बचने के लिए भार्गव ने कहा कि वे अपनी बात वेश्याओं के संदर्भ में कह रही हैं कि उन्हें सेक्स पार्टनर के चुनाव की आजादी होनी चाहिए। हालांकि उनकी यह सफाई वहां मौजूद लोगों को शांत नहीं कर पाई।
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उधर, ‘दी रिबेल स्टेट्स’ सत्र में विवादास्पद लेखक जीत थाइल ने खुद के लिखे उपन्यास ‘नार्कोपोलिस’ का वह अंश पढ़ा, जिसमें भद्दी गालियां थीं। उन्होंने उसका हिंदी अनुवाद भी करके सुना डाला। जिसे लेकर बाद में हंगामा शुरू हो गया। हालांकि थाइल ने इस पर अजीबोगरीब सफाई देते हुए कहा कि ये गालियां उपन्यास का पात्र दे रहा है, इसलिए किसी को इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। थाइल को इस फेस्टिवल में सम्मानित भी किया गया और इसी उपन्यास के लिए वर्ष 2013 के डीएससी प्राइज फ ॉर साउथ एशियन लिटरेचर पुरस्कार के तहत 50 हजार अमेरिकी डॉलर दिए गए।

तब भी हुआ था विवाद :-
पिछले जयपुर साहित्य महोत्सव में तीन अन्य लेखकों के साथ थाइल ने भी सलमान रुश्दी की विवादास्पद पुस्तक ‘सेटेनिक वर्सेज’ के अंश पढ़े थे। तब भी खासा विवाद खड़ा हो गया था।

तेज हुई नंदी की गिरफ्तारी की मांग
साहित्य महोत्सव में आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सोमवार को डिग्गी पैलेस के बाहर भाजपा, संघ और एससी-एसटी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए समाजशास्त्री आशीष नंदी की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और महोत्सव के आयोजकों को जयपुर नहीं छोड़ने का निर्देश दिया है। पुलिस ने वीडियो रिकॉर्डिंग फुटेज और बयान की एक कॉपी भी ले ली है। इस मामले में जल्द पूछताछ शुरू कर दी जाएगी।

नंदी के बचाव में आए दलित लेखक कांचा
दलित लेखक कांचा इलैया समाजशास्त्री अशीष नंदी के बचाव में उतर आए हैं। कांचा ने कहा कि नंदी ने सही इरादे से गलत बयान दिया। जहां तक मुझे पता है नंदी दलितों को आरक्षण के खिलाफ  नहीं हैं, इसलिए इस मामले को यहीं खत्म कर देना चाहिए।
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