आय से अधिक संपत्ति के मामले में पिछले 16 महीने से जेल में बंद वाईएसआर कांग्रेस अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी मंगलवार को आखिरकार रिहा हुए।
मंगलवार सुबह से ही उनके समर्थक चंचलगुड़ा सेंट्रल जेल के बाहर इकठ्ठा थे और जैसे ही वह जेल से बाहर निकले उनका भव्य स्वागत किया।
सीबीआई की विशेष अदालत में उनके चचेरे भाइयों अविनाश रेड्डी और यशवंत रेड्डी ने 2-2 लाख रुपए की दो जमानती राशियां भरीं।
उनकी रिहाई के मद्देनजर जेल के चारों तरफ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई थी। उन्हें सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने सशर्त जमानत दी थी।
सीबीआई ने भ्रष्टाचार के आरोपों में उन्हें पिछले वर्ष 27 मई को गिरफ्तार किया था और तभी से वह चंचलगुड़ा जेल में बंद थे।
अपने नेता को लेने के लिए हजारों समर्थक जेल के बाहर उपस्थित थे, जो जोर-जोर से नारे लगा रहे थे। समर्थक इतनी ज्यादा संख्या में मौजूद थे कि सुरक्षा कर्मियों को उन्हें उनके घर तक पहुंचाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
जगनमोहन के जेल से बाहर आने के बाद तेलंगाना मामले के फिर से गरमाने के आसार हैं।
उन्होंने अपनी जमानत याचिका में तटीय आंध्र और रायलसीमा क्षेत्र में चल रहे विरोध प्रदर्शन का हवाला दिया था। उन्होंने कहा था कि वहां लोगों को उनकी जरूरत है।
हालांकि जमानत की शर्त के मुताबिक वह बिना अनुमति के हैदराबाद से बाहर नहीं जा सकते।