आय से अधिक संपत्ति के मामले में वाईएसआर कांग्रेस के मुखिया जगन मोहन रेड्डी और उनके सहयोगियों की 143 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियों की कुर्की की जाएगी।
बृहस्पतिवार को एक विशेष मनी लांड्रिंग निरोधक अधिनियम अदालत (पीएमएलए) ने इस बाबत आदेश जारी किया।
यह निर्देश इस साल जनवरी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा रैम्की ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ दिए गए कुर्की के आदेश के बाद आया है।
तत्कालीन आंध्र प्रदेश सरकार ने गैरकानूनी रूप से इन कंपनियों का पक्ष लिया था। बदले में कंपनियों ने जगन के स्वामित्व वाली कंपनी जगती पब्लिकेशंस को फायदा पहुंचाया था।
उल्लेखनीय है कि ईडी ने जनवरी में हैदराबाद स्थित ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की एक शाखा में रखी कडप्पा से सांसद जगन की जगती पब्लिकेशंस के नाम से 10 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट को भी जब्त करने का आदेश दिया था।
साल भर पहले मामले में गिरफ्तार जगन इस समय चंचलगुडा जेल में बंद हैं।
ईडी द्वारा जांच की जा रही इन संपत्तियों को स्थिर संपत्ति की संज्ञा करार देते हुए एसके शर्मा और के रामामूर्ति की अध्यक्षता वाली पीएमएलए की पीठ ने कहा, ‘हम पहली नजर में इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि बचाव पक्ष (रैम्की ग्रुप और जगती पब्लिकेशंस) अपराध और लांड्रिंग के मामलों में लिप्त रहे हैं।
इसलिए हम मनी लांड्रिंग और अपराध में शामिल इनकी 143.74 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश देते हैं।’
ईडी ने सीबीआई द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर जगन द्वारा आय से अधिक संपत्ति जमा करने के मामले की जांच कर रही है।
जगन ने यह संपत्ति अपने पिता और राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल के दौरान बनाई थी, जिनकी 2009 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी।