हरियाणा में आरक्षण के लिए जाट बिरादरी के आंदोलन पर राज्य की खट्टर सरकार असमंजस में है, वहीं पार्टी नेतृत्व को इस बात की चिंता सता रही है कि इसकी चिंगारी प्रदेश से सटे उत्तर प्रदेश के इलाकों तक न पहुंच जाए। इस मामले में पार्टी और सरकार को बड़े कद के जाट नेताओं की बेहद कमी खल रही है।
सरकार की ओर से इस बिरादरी को मनाने के लिए मोर्चे पर उतारे गए केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, राज्य सरकार में मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के बाद वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु अब तक सफल होते नहीं दिख रहे हैं।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बालियान को बुलाकर लंबी मंत्रणा की है, वहीं बालियान ने देर शाम में वित्त मंत्री अरुण जेटली से भी मुलाकात की। बालियान ने अमर उजाला को बताया कि आलाकमान जाट आरक्षण के पक्ष में है। बातचीत सकारात्मक है, अगले एक-दो दिनों में कुछ अच्छे संकेत मिलेंगे। लेकिन, मुश्किल यह है कि वह इस बिरादरी को आरक्षण देने संबंधी प्रस्ताव विधानसभा में पारित कर गैर जाट बिरादरी को नाराज नहीं कर सकती।