जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को अफजल गुरू के शव के मुद्दे पर एक बार फिर हंगामा हुआ। पीडीपी और भाजपा विधायकों में शव को कश्मीर लाने के मुद्दे पर भिड़ंत हुई। उन्होंने एक दूसरे पर कुर्सियां और माइक फेंके। हंगामे के कारण विधानसभा की कार्रवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी।
मंगलवार को विधानसभा की कार्रवाही शुरु होते है पीडीपी सदस्यों ने अफजल गुरू के शव की वापसी के मुद्दे पर हंगामा शुरू कर दिया। विधायकों ने गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे द्वारा सोमवार को दिए गए बयान पर भी ऐतराज जताया।
गौरतलब है कि सोमवार को गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा था कि जेल मैनुएल के मुताबिक अफजल के शव को दफन कर दिया गया और अब उसे परिजनो को सौंपने का सवाल ही नहीं उठता।
विधानसभा में पीडीपी के विरोध में भाजपा विधायकों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद मामला गरमा गया और दोनों ओर से विधायकों ने कुर्सियां और माइक फेंके।
संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को 9 फरवरी 2013 को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी। फांसी के बाद अफजल का शव तिहाड़ में ही दफना दिया गया था।