फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंधेरे में चलाए तीर से पकड़े गए थे इतालवी नौसैनिक

Fri, 05 Apr 2013 11:14 PM IST
गुंजन कुमार/नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
केरल के मछुआरों की मौत के जिम्मेदार दो इतालवी नौसैनिक भारत के हाथ कभी नहीं आते अगर समुद्री सीमा की चौकसी करने वाले भारतीय तट रक्षक यानी इंडियन कोस्ट गार्ड के कुछ अधिकारियों ने सूझबूझ से काम नहीं लिया होता।
विज्ञापन


शुरू में कोस्ट गार्ड और केरल पुलिस को सिर्फ इतनी ही जानकारी मिली थी कि कोच्चि के समुद्री क्षेत्र में किसी विदेशी जहाज से गोलियां चलीं, जिसमें दो मछुआरों की मौत हो गई

पिछले साल 15 फरवरी को शाम करीब पांच बजे मिली इस जानकारी पर कोस्ट गार्ड के अधिकारी ने अंधेरे में एक तीर चलाया जो सटीक निशाने पर जा लगा।

अब इस मामले में शुक्रवार को एनआईए की ओर से दर्ज एफआईआर में इन नौसैनिकों को हत्या का आरोपी बनाया गया है।

उस रोज कोस्ट गार्ड को खबर मिली कि कोच्चि से 20.5 नॉटिकल मील दूर एक विदेशी जहाज से भारतीय मछुआरों पर गोलियां चली हैं।

इस पर कोस्ट गार्ड अधिकारियों ने उस इलाके से दिनभर में गुजरने वाले चार विदेशी जहाजों का पता किया। उन्होंने चारों से फोन पर बात करने का फैसला किया और पहला फोन इसी इतालवी जहाज एनरिका लेक्सी को लगा।
विज्ञापन


अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इस इलाके से गुजरने वाले सभी पोतों के फोन नंबर कोस्ट गार्ड को मुहैया कराए जाते हैं। केरल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला से फोन पर हुई बातचीत में घटना का पूरा ब्यौरा दिया।

अधिकारी के मुताबिक कोस्ट गार्ड ने लेक्सी पर सवार कैप्टन से पूछा कि क्या आपके जहाज से चली गोली से ही कुछ समुद्री डाकू मारे गए हैं।

समुद्री डाकू की बात आने पर कैप्टन ने इसे अपनी सफलता मानते हुए गोली चलाने की बात स्वीकार ली। तब तक एनरिका लेक्सी अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब 30 नॉटिकल मील तक पहुंच चुका था।

कोस्ट गार्ड अधिकारी ने इतालवी कैप्टन को शाबासी देते हुए कहा कि लुटेरों की नौका की शिनाख्त और कुछ कागजी कार्रवाई के लिए उन्हें कोच्चि बंदरगाह पर आना पड़ेगा।

अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून यूएन क्सास और सूगा की शर्तों के तहत इतालवी जहाज को कोच्चि आना पड़ा। यहां आते ही तस्वीर साफ हो गई और इन दो इतालवी नौसैनिकों को गिरफ्तार कर लिया गया।

कोस्ट गार्ड सूत्रों के मुताबिक अगर वह अंधेरे में तीर नहीं चलाते तो कभी पता नहीं चल पाता कि मछुआरों का असल हत्यारा कौन है।

इटली की दलील गलत
कोस्ट गार्ड के मुताबिक घटना ठीक 20.5 नॉटिकन मील पर हुई और यह क्षेत्र भारत के कौंटागुअस क्षेत्र में आता है। यहां भारत का कस्टम कानून लागू है।

जमीन से 12 नॉटिकल मील तक आईपीसी का कानून लागू होता है। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि घटना के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में होने की इटली की दलील गलत है।
विज्ञापन


दरअसल जब एनरिका लेक्सी से संपर्क साधा गया तब वह अंतरराष्ट्रीय इलाके में था। लेकिन घटना भारत के इलाके में ही हुई है जहां यहीं का कानून चलता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें