इटली में जन्मी ओडिशी नृत्यांगना इलियाना सितारिस्ती ने उन्हें जगन्नाथ भगवान के रथ पर न चढ़ने देने और उनसे मारपीट करने वाले दो पुजारियों के खिलाफ सोमवार को शिकायत वापस ले ली।
इलियाना ने पुरी में सब डिविजनल न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास समझौते की एक अर्जी दायर की है।
इससे सोमवार सुबह आत्मसमर्पण करने वाले एक सेवक को अब जमानत मिल सकती है। एक सेवक ने अभी तक आत्मसमर्पण नहीं किया है।
भगवान के दर्शन की नहीं दी रिश्वत तो जड़ा थप्पड़
पद्मश्री इलियाना सितारिस्ती ने 21 जुलाई को आरोप लगाया था कि पुरी में भगवान जगन्नाथ के रथ पर सवार सेवकों ने उनके साथ मारपीट की। भगवान जगन्नाथ के नजदीक से दर्शन करने के लिए उनसे 1000 रुपए मांगे गए थे। ऐसा नहीं करने पर पुजारियों ने उनसे दुर्व्यवहार किया।
इलियाना ने इस बदसलूकी की शिकायत मंदिर प्रशासन के पास दर्ज कराई थी।
55 साल की इलियाना इटली के बरगामो से आने के बाद पिछले 34 सालों से ओडिशा में रह रही हैं और ओडिशी नृत्य को प्रोत्साहन देने में उनके योगदान के लिए जानी जाती हैं। उन्हें इसके लिए पद्मश्री से भी नवाजा गया था।
शांति से निपटाना चाहती हैं मामला
सहायक लोक अभियोजक सत्यजीत सारंगी ने बताया की इलियाना की अर्जी में लिखा है कि वह कानूनी मामलों में उलझना नहीं चाहतीं। वह आरोपियों के साथ सौहार्दपूर्ण तरीके से मामले को निबटाना चाहती हैं। अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली है।
हालांकि, इलियाना ने इस संबंध में कुछ नहीं कहा है।
सत्यजीत सारंगी का कहना है कि उन्होंने इलियाना से कई बार पूछा की क्या उन पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया है पर उन्होंने मना कर दिया।
इससे पहले शुक्रवार को इलियाना ने कहा था कि अगर आरोपी उनसे माफी मांग लें तो वह उन्हें माफ कर देंगी।
अभी चलता रहेगा केस
इलियाना के शिकायत करने पर जगन्नाथ मंदिर पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ चोट पहुंचाने और शीलभंग करने के इरादे से महिला पर हमले के आरोपों के तहत केस दर्ज किया था।
मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस अधीक्षक, पुरी अनूप कुमार के मुताबिक इलियाना के केस वापस लेने के बाद ही वह मामले की जांच बंद करेंगे।
सारंगी ने कहा कि पुलिस की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही मामला खत्म होगा। इलियान को कोर्ट में आकर अपना पक्ष रखना होगा।
इलियाना के खिलाफ प्रदर्शन
पिछले कुछ दिनों से मंदिर के कुछ सेवक मामले में समझौते के लिए इलियाना के घर के बाहर प्रदर्शन भी कर रहे थे।
मामले के बाद पुरी आधारित सामाजिक, सांस्कृतिक संगठन, जगन्नाथ सेना ने 26 जुलाई को इलियाना के खिलाफ एसडीजेएम अदालत में मामला दर्ज कराया था। उनका आरोप है कि इलियाना पुजारियों पर झूठे आरोप लगा रही हैं और जगन्नाथ मंदिर व उसके सेवकों की छवि खराब कर रही हैं। उन्हें इस पर माफी मांगनी चाहिए।